
Raksha Bandhan 2023: मूंग-मसूर और चना-झुरगे से बहनें बना रहीं खास राखियां, रक्षा बंधन पर सजेंगी भाइयों के कलाई पर
रायपुर. इस बार मार्केट में राखियों की कई वैराइटियां उपलब्ध है। इन सबसे इतर हैंडमेड राखियों का क्रेज भी देखा जा रहा है। स्व सहायता समूह की महिलाएं जहां गोबर की राखियां बना रही हैं वहीं कुछ महिलाएं दाल व अनाज से राखियां तैयार कर रही हैं।
रानी निषाद ने बताया, इस बार मैंने राखियों में बहुत ज्यादा इनोवेशन किया है। दाल और अनाज की कई वैराटियां बनाई है। कुल 90 प्रकार के बीज, अनाज, जड़ी-बूटियां, तुलसी-चंदन की लकड़ियों का उपयोग राखियों में किया है।
लीक से हटकर मेकिंग
रानी ने बताया, मुझे शुरू से कुछ नया करने की चाहत रही है। सबसे पहले मैंने धान और चावल की राखियां बनाई जिसे काफी पसंद किया गया। इसके बाद बीजों का इस्तेमाल, अब मसालों का उपयोग कर रही हूं।
बंगाल और झारखंड तक डिमांड
इन हैंडमेड राखियों की डिमांड छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड और को वेस्ट बंगाल में भी है। रानी ने बताया, सोशल मीडिया के जरिए ऑर्डर मिलते हैं जिसे मैं कुरियर से भेजती हूं।
इन बीजों का किया इस्तेमाल
धान-चावल, मूंग-मसूर, चना-धतुरा बीज, सत्यनाशी बीज, खीरे का बीज, सरसों बीज, कुसुम भाजी बीज, अरहर बीज, कुम्हड़ा बीज, लाल भाजी बीज। रानी ने बताया, राखियों के प्रमोशन सोशल मीडिया हेल्पफुल रहा।
Published on:
29 Aug 2023 07:06 pm
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