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अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस पर विशेष : मैं अपनी जन्मभूमि का कर्ज और फर्ज अदा कर रहा हूं

- 32 सालों से अमरीका में रह रहे चिरमिरी के लाल को हर दिन याद आता है गांव

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अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस पर विशेष :  मैं अपनी जन्मभूमि का कर्ज और फर्ज अदा कर रहा हूं

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस पर विशेष : मैं अपनी जन्मभूमि का कर्ज और फर्ज अदा कर रहा हूं

दिनेश यदु @ रायपुर. छत्तीसगढ़ के चिरमिरी से जाकर अमरीका में 32 वर्षों से निवासरत उद्योगपति चंद्रकांत पटेल (Industrialist Chandrakant Patel) को अपनी मिट्टी व छत्तीसगढ़ की संस्कृति (culture of chhattisgarh) से आज भी बेहद लगाव है। वे अपने लोगों व अपनी जन्मभूमि से मेल-मुलाकात के लिए हर वर्ष छत्तीसगढ़ आते हैं। चंद्रकात पटेल ने बताया कि अमरीका में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh in America) के करीब पांच से छह हजार लोग रहते हैं। मैं अपनी मिट्टी और संस्कृति को कभी नहीं भूल सकता। मैं चिरमिरी में बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए अस्पताल, कॉलेज व हॉस्टल बनाने के लिए सहयोग देकर जन्मभूमि का कर्ज और फर्ज अदा कर रहा हूं। कोरोनाकाल के दौरान चिरमिरी आकर दवा व गर्म कपड़ों के अलावा करीब 6 लाख रुपए का राशन वितरण किया गया। मैं हर प्रवासी भारतीय (Non Resident Indian) से चाहूंगा कि वे अपनी जन्मभूमि के लिए योगदान जरूर करें। क्योंकि आज हम जो भी है, इसमें छत्तीसगढ़ महतारी (Chhattisgarh Mahtari) की मिट्टी का महत्वपूर्ण योगदान है।

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IMAGE CREDIT: File Photo

मनाते हैं छत्तीसगढ़ी तीज-त्योहार
पटेल ने बताया कि अमरीका में भी बड़ी संख्या में हिंदू मंदिर हैं। अमरीकी भी भारत की पूजा पद्धति को धीरे-धीरे अपना रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ी तीज त्योहार (Chhattisgarhi Teej Festival) को भी लोग यहां मना रहे हैं। नॉर्थ अमरीका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (नाचा) (North America Chhattisgarh Association (NACHA)) की संस्थापक सदस्य दीपाली सरावगी ने भारत-अमरीका समुदाय के सामने नाटक के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनी को प्रस्तुत किया था, जिसे खूब सराहा गया।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति की खूबियां अमरीका में बता रहा नाचा
इधर, नार्थ अमरीका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (नाचा) अमरीका में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की खूबियां गिना रहे हैं। नाचा की दीपाली सरावगी ने बताया कि पिछले 15 अगस्त में हम लोगों ने शिकागो में झांकी निकाली थी, जिसमें रायपुर की पहचान घड़ी चौक और आई लव रायपुर का मॉडल बनाया था। जब यह झांकी शिकागो की सड़कों से गुजरी और छत्तीसगढ़ी गीत बजे तो लगा मानो छत्तीसगढ़ और शिकागो की दूरियां मिट गईं। नाचा संस्था को शिकागो में आयोजित 10वें वार्षिक ग्लोबल कम्युनिटी ऑस्कर अवॉर्ड (10th Annual Global Community Oscar Awards) आर्गनाइजेशन ऑफ द ईयर प्रदान किया गया है।