
रायपुर. छत्तीसगढ़ में तीन निजी विश्वविद्यालयों के खुलने का रास्ता साफ हो गया है। इनमें से एक विश्वविद्यालय में सिनेमा-टीवी और प्रदर्शनकारी कलाओं के लिए प्रारंभ किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सिनेमा-टीवी विश्वविद्यालय का संचालन श्रीदेवी-बोनी कपूर से जुड़ा संस्थान करेगा।
विधानसभा में मंगलवार को छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक को पारित किया गया। उच्चशिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि यह विश्वविद्यालय फिल्म निर्माण से जुड़ी कला के ज्ञान के लिए होगा। फिल्म विकास निगम की स्थापना के साथ इस तरह के शिक्षण संस्थान के खुलने से छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं के सामने नए अवसर खुलेंगे और सिनेमा का विस्तार होगा। रायपुर के पास तिल्दा के माठ में इस विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
प्रदेश का पहला संस्थान
अफसरों के मुताबिक एएएफटी यूनिवर्सिटी ऑफ मीडिया एंड आट्र्स विश्वविद्यालय में पत्रकारिता, जनसंचार, मीडिया, ललित कला, प्रदर्शन कला, दृश्य कला और अनुप्रयुक्त कलाओं में डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाणपत्र, एमफिल, पीएचडी और अन्य अनुसंधान स्तरीय पढ़ाई के नियमित पाठ्यक्रम हैं। प्रदेश में यह अपनी तरह का पहला संस्थान होगा।
बोनी कपूर के बहनोई का है संस्थान
बताया जा रहा है कि दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी , उनके पति बोनी कपूर और अनिल कपूर इस संस्थान से जुड़े हैं। यह संस्थान बोनी कपूर के बहनोई संदीप मारवाह का है। उनका उत्तरप्रदेश के नोएडा में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन का कैम्पस काफी प्रसिद्ध है। पिछले वर्ष बोनी कपूर ने इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की थी।
दो और विश्वविद्यालयों को मंजूरी
विधानसभा ने रायपुर स्थित शदाणी दरबार के पास धनेली में श्रीरावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी और बिलासपुर के मंगला में महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना को भी मंजूरी दी है। इनकी स्थापना के साथ छत्तीसगढ़ में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर ११ हो जाएगी। रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में विज्ञान, व्यापार प्रबंधन, वाणिज्य, इंजीनियरिंग, कला, होटल प्रबंधन और फैशन डिजाइनिंग के विभिन्न पाठ्यक्रम होंगे। वहीं महर्षि यूनिवर्सिटी में योग , वैदिक साइंस, ज्योतिष , कीर्तन और दर्शन के साथ व्यवसाय प्रशासन, वाणिज्य प्रबंधन, ललित कला, प्रदर्शन कला, दृश्य कला, अऩुप्रयुक्त कला, होटल प्रबंधन, अतिथि सत्कार और यात्रा पर्यटन का पाठ्यक्रम भी शामिल रहेगा। इसके अलावा कला, मानविकी, विज्ञान संकायों के साथ इंजीनियरिंग की भी पढ़ाई होगी। यह संस्थान 2002 से संचालित है। जिस कानून से इसे स्थापित किया गया था, उसका प्रभाव खत्म हो गया। एेसे में इसे फिर से प्रचलन में लाया गया है।
अगले सत्र से शुरू
इन संस्थानों की स्थापना के लिए विधेयक पारित हो चुका है। उम्मीद की जा रही है कि अगले शिक्षा सत्र से इनका संचालन भी शुरू हो जाएगा।
- सुनील कुमार कुजूर, अपर मुख्य सचिव, उच्चशिक्षा विभाग छत्तीसगढ़
Published on:
27 Feb 2018 11:43 pm

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