
रायपुर. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग ने पदोन्नति और संविदा नियुक्ति को लेकर लोकनिर्माण विभाग से जवाब मांगा है। विभागीय सचिव सुबोध सिंह और प्रमुख अभियंता को 25 अक्टूबर को बुलवाया गया है। आयोग के अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने पर पीडब्ल्यूडी को नोटिस जारी की गई थी। इसका जवाब देने के लिए पहुंचे अफसरों ने कोई दस्तावेज पेश नहीं किया था। इसे देखते हुए दोबारा नोटिस जारी कर उन्हें बुलवाया गया है।
समय मांगा
आयोग में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे अवर सचिव क्लाडियस तिर्की और अधीक्षण अभियंता सीके चंद्राकर ने सफाई दी। उन्होंने सेवानिवृत अफसर को संविदा पर रखने और इसकी अवधि समाप्त होने के बाद अवैतनिक काम करने की जानकारी दी। लेकिन, डीपीसी करने और अदालत में किसी भी तरह के विवाद संबंधी दस्तावेज पेश नहीं किया।
राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष जीआर राना ने कहा कि शिकायत की जांच करने के लिए विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संबंधित अधिकारी के उपस्थिति दर्ज कराने के बाद बयान दर्ज किया जाएगा।
यह है मामला
लोनिवि रायपुर सर्किल में पदस्थ अधीक्षण अभियंता केएसजी राव 2016 में सेवानिवृति हुए थे। इसके कुछ दिन बाद उन्हे संविदा नियुक्ति दी गई। उसे प्रमुख अभियंता कार्यालय में अधीक्षण अभियंता के साथ ही (विद्युत-यांत्रिकी) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया। अगस्त 2017 में संविदा अवधि समाप्त होने के बाद भी वह यथावत काम करते रहे। निर्धारित अवधि के बाद भी पदोन्नति नहीं होने पर इसके पात्र अफसरों ने अजजा-जजा आयोग में इसकी शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय सचिव और प्रमुख अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।
Published on:
20 Oct 2017 06:38 pm
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