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जुड़वा बहनों की स्ट्रैटजी और पसंद भी समान, रिजल्ट में कुछ नंबर का अंतर

सीबीएसई 12वीं में ट्वींस सिस्टर्स ने कॉमर्स में पाए अच्छे अंक, बनना चाहती हैं सीए

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जुड़वा बहनों की स्ट्रैटजी और पसंद भी समान, रिजल्ट में कुछ नंबर का अंतर

पिंक ड्रेस में पाखी और ब्लैक में पीहू ।

ताबीर हुसैन @ रायपुर.सीबीएसई 12वीं में महादेव घाट की पाखी दुबे और पीहू दुबे ने (कॉमर्स) ने क्रमश: 98.6 और 96.8 माक्र्स अचीव किए हैं। पाखी को एकाउंट और बिजनेस में पूरे 100 में से 100 अंक मिले हैं। उन्होंने बताया, पापा रुचिर दुबे सीए हैं, हम भी सीए की पढ़ाई करूंगी। मां शिल्पी दुबे हाउसवाइफ हैं। स्ट्रैटेजी पर दोनों बहनों ने बताया, टीचर्स हमें वाट्सऐप ग्रुप पर सेंपल पेपर भेजा करते थे। हमने ज्यादा से ज्यादा सेंपल पेपर सॉल्व किए। इसका फायदा यह हुआ कि जिस टॉपिक पर कमजोर थे उसकी पहचान हुई और उस पर फोकस किया। हमने पढ़ाई में कभी घंटे तय नहीं किए। जितना भी पढ़ा पूरे एफर्ट के साथ। हम दोनों को पेंटिंग पसंद है। हमने दिल्ली में हुए नेशनल कॉम्पीटिशन में हिस्सा लेकर टाइटल जीता। इसके अलावा हमें ऑटोबॉयोग्राफी, फिक्शन और नॉनफिक्शन दोनों तरह की बुक पढऩा पसंद है।

डॉक्टर बन पैरेंट्स के नक्शेकदम पर चलेंगी किंजल

शैलेंद्र नगर की किंजल सोलंकी ने बारहवीं साइंस में 98.4 माक्र्स अचीव किए हैं। पैरेंट्स धीरज सोलंकी-अनुभा सोलंकी डॉक्टर हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर किंजल ने भी डॉक्टर बनना चाहती है। इसलिए बारहवीं के साथ-साथ नीट की तैयारी की। इस साल नीट अपीयर किया है। वे कहती हैं,मैंने बुक अच्छे से पढ़ा। इसका फायदा बोर्ड के साथ नीट में भी मिला। मैंने लाइन बाय लाइन स्टडी की। टीचर के बताए कॉन्सेप्ट पर फोकस्ड रही। मैं सोशल मीडिया से दूर रही। लेकिन पढ़ाई के लिए वाट्सऐप और यूट्यूब यूज किया करती थी। रुचियों पर बताया, मुझे स्टोरी बुक, नॉवेल्स पढऩा अच्छा लगता है। मैं स्वीमिंग भी पंसद करती हूं,लोकल कॉम्पीटिशन में विनर भी रही।

थोड़ा पढ़ो लेकिन एकाग्रता के साथ

शंकर नगर की शांभवी शर्मा ने बारहवीं ह्यूमैनिटी में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। वे डीयू से बीजेएमसी करना चाहती हैं। इसके अलावा उन्हें तीन से चार फॉरेन लैंग्वेज में भी रुचि है। तैयारियों पर वे कहती हैं, मैंने सालभर हंसते-खेलते ही पढ़ाई की। रेगलुर पढऩे से फायदा ये रहता है कि परीक्षा के दौरान बर्डन नहीं पड़ता। मैंने कभी पढ़ाई के घंटे तय नहीं किए। थोड़ा पढ़ती थी लेकिन पूरी एकाग्रता के साथ। पसंदगी की बात करूं तो मुझे म्यूजिक और ड्राइंग में रुचि है। मैंने दोनों में डिप्लोमा किया है। इवेंट मैनेजमेंट और एंकरिंग भी करती हूं। सोशल मीडिया के यूज पर कहा, यह बहुत फायदेमंद है बशर्ते आप कितनी देर और क्या देखने में इंट्रेस्ट लेते हैं। अगर मुझे देश-दुनिया में क्या चल रहा है यह जानना है तो मोबाइल में एक क्लिक की जरूरत है। जो कल पता लगे उसे आज ही देख लेने में क्या बुराई है।