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CG News: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी अंचल के छात्र अब बोलेंगे फर्राटेदार अंग्रेजी

Chhattisgarh: उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए गए। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के मद्देनजर होनहारों के लिए की गई अनोखी पहल
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CG News: विष्णुदेव साय सरकार छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था के कायाकल्प और युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड (Action Mode) में आ गई है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग को नया कलेवर देने और सालों से अटके प्रशासनिक मामलों को सुलझाने के लिए 1 जुलाई को उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा की अध्यक्षता में नवा रायपुर (Nava Raipur) स्थित मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए गए।

​राज्य सरकार ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा (Global Competitiveness) को देखते हुए छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के होनहारों के लिए एक अनोखी पहल की है। अब महाविद्यालयों में 90 घंटे, 90 दिन का विशेष अंग्रेजी संप्रेषण कोर्स (English Communication Course) चलाया जाएगा। इस अनूठे अभियान से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भीतर का संकोच दूर होगा और वे देश-दुनिया के युवाओं के साथ कदम से कदम मिला सकेंगे। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में शासन के शैक्षणिक कैलेंडर (Academic Calendar) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

बजट प्रबंधन (Budget Management) को लेकर कैबिनेट मंत्री वर्मा ने वित्तीय शुचिता का संदेश देते हुए कहा कि विभाग में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी (Financial Irregularities) या लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है। अब किसी भी कॉलेज को बजट जारी करने से पहले प्रशासनिक अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। नए महाविद्यालयों (College) के विकास के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाएंगे, ताकि किसी भी संस्थान को कम या ज्यादा राशि मिलने की शिकायत का मौका न मिले।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) को छत्तीसगढ़ पूरी तरह आत्मसात करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 4 साल के सफल स्नातक पाठ्यक्रम के बाद अब स्नातकोत्तर (PG) को भी एनईपी के दायरे में लाने की मुकम्मल तैयारी शुरू हो गई है। वर्तमान में एनईपी (NEP) के पांचवें और छठे सेमेस्टर के लिए केंद्रीय अध्ययन मंडल की सूची को अंतिम रूप देकर लोक भवन (Lok Bhavan) की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।

प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने अपर संचालक (Additional Director) के पद को प्राचार्य के पद से पूरी तरह अलग करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, प्राचार्यों के कार्यकाल का ऑडिट (Audit) करने के लिए प्रदेश के लेखा उत्तीर्ण कर्मचारियों की विशेष सेवाएं ली जाएंगी, जिससे लंबित जांच और ऑडिट के मामलों का तुरंत निपटारा हो सके। समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) के सचिव, आयुक्त सहित मंत्रालय के तमाम आला अधिकारी मौजूद थे।