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3500 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाली कंपनी के मालिक को दिखता है भविष्य, जानिए कैसे

उद्योगपति कमल शारडा ने पूर्वाभास से कंपनी को नुकसान से बचाया

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3500 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाली कंपनी के मालिक को दिखता है भविष्य, जानिए कैसे

ताबीर हुसैन @ रायपुर। क्या आप भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में जानते हैं? क्या आपका सिक्स सेंस जागृत है? क्या आपमें पूर्वानुमान की विशेषता है? हम सवाल यूं ही नहीं पूछ रहे। दरअसल, छत्तीसगढ़ के उद्योगपति कमल शारडा ने अपनी सक्सेस स्टोरी में ऐसी विधा को श्रेय दिया है जिसे हर कोई कर सकता है। शर्त ये है कि धैर्य होना चाहिए। आखिर क्या है वह तरीका जिससे आप भी बन सकते हैं सक्सेसफुल पर्सन। जानिए कमल शारडा की जुबानी बिजनेस में मेरा खराब समय 1993 से शुरू हुआ। स्पंज आयरन की एक यूनिट बंद करनी पड़ी। पार्टनर अलग हो गए। बंटवारे में लोन वाली चीजें मेरे हिस्से में आईं और जमीन वगैरह पार्टनर। मैं 78 करोड़ रुपए की देनदारी में था। एक तरह से कह सकते हैं कि मैं रोड पर आ गया था। मैं बहुत टूट चुका था। गर्मी के दिन थे। मैं नागपुर जा रहा था। रास्ते में मुझे एक हरा पेड़ दिखाई दिया। मैंने कार रुकवाई। सोचने लगा इतनी गर्मी में यह पेड़ हरा-भरा है, मेरी उम्मीदें क्यों मुरझा रही हैं। उस पेड़ ने मेरा नजरिया ही बदल दिया। मैं पूरे जोश व जज्बे के साथ शून्य से शुरुआत करने की सोची। यह कहना उद्योगपति कमल शारडा का। क्रेडाई की ओर से होटल सयाजी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपनी सक्सेस स्टोरी साझा की। इस दौरान क्रेडाई के अध्यक्ष शैलेश वर्मा, प्रोग्राम चेयरमैन मृणाल गोलछा, आनंद सिंघानिया, सुबोध सिंघानिया, रवि फतनानी, संजय बघेल, राकेश पांडे, निखिल ढगट, विजय नत्थानी मौजूद रहे। शारडा ने कहा कि अगर आप पैसे कमाना चाहते हैं तो आज से ही मेडिटेशन शुरू कर दें। मैं 1969 साल से कर रहा हूं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बिजनेसमैन मौजूद रहे। शारडा ने सभी को 3 मिनट तक मेडिटेशन का डेमो भी कराया।

IMAGE CREDIT: Tabir Hussain

ऐसे बचाया नुकसान से

शारडा ने कहा कि मैं कहूं कि मेडिटेशन से शांति मिलती है तो आप शायद गंभीरता से नहीं लेंगे, लेकिन यह कहूं कि पैसे कमाना चाहते हैं तो मेडिटेशन करें तो आप में से हर कोई सुनना चाहेगा। उन्होंने कहा कि रोज कम से कम 10 मिनट मेडिटेशन करें। मैं 10 मिनट के लिए करता हूं तो कब एक घंटा हो जाता है पता नहीं चलता। आप जितने डीप में जाएंगे उतना ही फायदा मिलेगा। इससे आपको पूर्वाभ्यास होने लगता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में मेमन ब्रदर्स क्राइसेस के टाइम रेट 40 परसेंट हो गए थे। इसके ३ महीने पहले ही मैंने रॉ मटेरियल स्टॉप करा दिए थे। जहाज से मटेरियल आ रहा था जिसे किसी तरह रुकवाया। इससे हमें 14 करोड़ का नुकसान जरूर हुआ लेकिन ओवरऑल कैल्कुलेशन करने पर मैंने कंपनी के 100 करोड़ बचाए। दूसरा उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 हम 300 मेगावॉट का पॉवर प्लांट लगाने वाले थे। बैंक के एमडी ने जगह व प्रोजेक्ट देखा। उन्होंने 125 करोड़ कॉर्पोरेट लोन सेंक्शन कर दिया। हमारे भी 40 करोड़ खर्च हो चुके थे। 17 पार्टियां तीसरी बार फाइनल करने आईं थीं। मैंने अपने भांजे रवि से कहा कि आज ऑर्डर नहीं देना है। रवि का चेहरा देखने लायक था क्योंकि उसने बेहद मेहनत की थी। उसका चेहरा लाल होना लाजिमी था। आज देखिए जिस ग्रुप ने भी पॉवर प्लांट लगाया उसका क्या हाल है। शारडा ने पूर्वानुमान के कई उदाहरण से साबित किया कि मेडिटेशन कितना लाभदायक है।

IMAGE CREDIT: Tabir Hussain

विचार जितने कम होंगे डिसीजन पॉवर बढ़ेगा

शारडा ने कहा कि दिमाग में विचारों की संख्या बढऩे से ब्रेन पजल हो जाता है। मेडिटेशन करने से कांसरटेशन पॉवर बढ़ेगा। मेडिटेशन के वक्त विचार जरूर आएंगे लेकिन फ्रीक्वेंसी अच्छी आएगी। मेडिटेशन के प्रति आपकी श्रद्धा और डेडिकेशन आपको चमका देंगे।

एंटरप्रेन्योर क्या करें, क्या न करें
10 मिनट मेडिटशन करें। आप दूसरों की बेहतरी के लिए सोचेंगे ऊपर वाला आपका सोचेगा। खुद के खर्चे मत बढ़ाइए, लाइट मोड पर रहिए। एम्पलाई को इम्पॉवर करें। क्वालिटी थिंकिंग के लिए खुद को खाली रखें। क्या नहीं करें- फुग्गे जैसा प्रॉफिट दिखाकर लोन न लें। एक्स्ट्रा ऑर्डिनेरी एम्बिसेस न रखें। जब पैसे नहीं चाहिए तभी पैसे मिलेंगे, चाहिए होंगे तो नहीं। इसलिए लिक्विडिटी बनाए रखें। नेचर के प्रति थैंकफूल रहें।

ऑर्डिनरी चीज को वेल्युबल बनाना ही ब्रांडिग है

आईआईएम बैग्लुरू के प्रोफेसर वायएलआर मूर्ति ने ब्रांड मैनेजमेंट में पीएचडी की है। देश-विदेश में स्पीच देने भी जाते हैं। उन्होंने ब्रांडिंग का मतलब है उदाहरण के साथ बताया। कहा कि रास्ते में जो पत्थर पड़ा है उसकी कोई वैल्यु नहीं होती, जबकि उसी पत्थर से भगवान मूर्ति बना दी जाए तो पूजा जाने लगता है। एक में कुछ भी नहीं जबकि दूसरे में निष्ठा, आस्था और बिलीव है। ऐसे ही किसी ऑर्डिनरी प्रोडक्ट में चेंजेस के साथ ब्रांडिंग करना ही ब्रांड मैनेजमेंट है। सेल फोन की कई कंपनियां है, लेकिन एक कंपनी है जिसे खरीदने के लिए लोग दो-तीन दिन लाइन लगाते हैं। डॉ. मूर्ति ने एंटरप्रेन्योर के लिए 3 टिप्स दिए। पहला यह कि आपका प्रोडक्ट दूसरों से बिल्कुल डिफरेंट होना चाहिए तभी तो लोग खरीदेंगे। मान लो एप्पल का जूस है और आप उसे ऐसे कंटेनर में रखते हैं जो एप्पल जैसा दिखता हो या मैंगो का जूस जिसे मैंगो के कंटेनर में रखा जाए। जाहिर है वह कहीं और के जूस से बेटर दिखेगा। दूसरी बात ये है कि आप अपने प्रोडक्ट से पैसे कैसे कमाएं। पहला पार्ट कविता की तरह है जबकि दूसरा बनिया जैसा। ये बहुत ही डिफरेंटली गेम है। कुछ लोग पैसे बनाते हैं तो कुछ नहीं। कई बार ऐसा भी होता है कि आपके बाद आया व्यक्ति पैसा बना लेता है। तीसरी बात है यह कि आप उसे कंटीन्यू कैसे रख सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अमेजॉन को अगर एक मिनट के लिए बंद कर दिया जाए तो सोचिए क्या होगा। गूगल में आप कुछ सर्च करते हैं तो नैनो सेंकड में रिजल्ट आते हैं साथ ही नतीजों की संख्या भी काफी होती है। इसलिए आप कोई भी बिजनेस शुरू करें उसमें कंटीन्यूटी होनी चाहिए।

IMAGE CREDIT: Tabir Hussain