
रायपुर. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कांग्रेस टूलकिट मामले में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफदर्ज एफआईआर पर सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में की गई अपील पर सुनवाई से इनकार को सत्य और न्याय की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध में अंधी हो चली प्रदेश सरकार को अब तो अपने ओछे राजनीतिक हथकंडों पर बाज आना चाहिए।
अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़ी रहने वाली कांग्रेस की राजनीतिक चरित्र ही रहा है कि वह अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ को कुचलने का कोई मौका नहीं छोड़ती। कोर्ट के निर्णय का सम्मान करना कांग्रेस के डीएनए में ही नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार देश की संभवत: पहली ऐसी सरकार होगी जिसने पौने ३ साल के कार्यकाल में राजनीतिक नजरिए से लिए गए अमूमन सभी फैसलों के लिए हाईकोर्ट से हर बार फटकार खाई।
टूलकिट मामले में रमन व संबित पात्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत
कथित फर्जी टूलकिट को लेकर ट्वीट करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दोनों नेताओं पर दर्ज एफआईआर में कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई थी। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। राज्य सरकार की इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा, 'छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को ही इस मामले में फैसला करने दीजिए। 'पीठ ने कहा कि टूलकिट मामले से जुड़े कई मामले अलग-अलग अदालतों में लंबित हैं, इसलिए मौजूदा मामले में अलग से निपटाया नहीं जा सकता। राज्य की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले के रिकॉर्ड का जिक्र करने की कोशिश की तो पीठ ने इसपर कहा, 'यहां अपनी ऊर्जा व्यर्थ मत कीजिए। हम विशेष अनुमति याचिकाओं (एसएलपी) पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं। हम इस एसएलपी को खारिज करते हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से फर्जी टूलकिट मामले से जुड़ी याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने का अनुरोध किया।
Published on:
23 Sept 2021 09:37 am
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