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अपर आयुक्त के मौखिक आदेश पर निलंबित शिक्षक को किया बहाल, यह है पूरा मामला

शिक्षक पर फर्जी कागजात लगाकर नौकरी करने का आरोप
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रायपुर

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Anupam Pandey

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Updated: 27 Apr 2023, 2:00 PM IST

अपर आयुक्त के मौखिक आदेश पर निलंबित शिक्षक को किया बहाल, यह है पूरा मामला

अपर आयुक्त के मौखिक आदेश पर निलंबित शिक्षक को किया बहाल, यह है पूरा मामला

जांजगीर.सक्ती. सक्ती डीईओ बीएल खरे ने एक सहायक शिक्षक एलबी को फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी के आरोप पर सस्पेंड तो कर दिया है। वहीं दूसरे दिन उसी शिक्षक को अपर आयुक्त के मौखिक आदेश व कलेक्टर के टीएल बैठक में चर्चा को देखकर उसे बहाल कर दिया। यानी सरकारी तंत्र मौखिक आदेश के सहारे भी चलता है। यह विषय क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गौरतलब है कि डीईओ के पास एक शिकायत मिली थी कि नरेश राठौर पिता बोधराम राठौर सहायक शिक्षक एलबी निवासी पोरथा जिला सक्ती का रहने वाला है। वह शासकीय प्राथमिक शाला माधवपुर बोकरामुड़ा विकासखंड सक्ती में पदस्थ है। उसने जनपद पंचायत जैजैपुर में फर्जी मार्कशीट व अन्य दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाई है। नौकरी पाने के बाद सिरली जैजैपुर में पदस्थ था। शिकायत के संबंध में उक्त शिक्षक को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 27 मार्च 2023 को प्रात: 11 बजे उपस्थित होकर दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा था। लेकिन वह आज तक डीईओ आफिस में दर्शन नहीं दिया। जिसके चलते नरेश राठौर पिता बोधराम राठौर प्राइमरी स्कूल माधवपुर को सिविल सेवा नियम 1966 नियम 9 के निहित प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच संस्थित किया था। पत्रिका में खबर प्रकाशन के बाद क्षेत्र में खलबली मच गई। इसके बाद शिक्षक ने न जाने उच्च अधिकारियों को ऐसी क्या घुटकी पिलाई जिससे डीईओ ने तत्काल अपने आदेश को पलट दिया और यह कहकर शिक्षक को बहाल कर दिया कि नरेश राठौर पिता बोधराम राठौर सहायक शिक्षक एलबी शासण् प्राथण् शाला माधवपुर बोकरामुड़ा के संबंध में अपर आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर द्वारा दूरभाष पर कलेक्टर सक्ती से चर्चा उपरांत टीएल में दिए गए निर्देश के अनुक्रम में नरेश राठौर को तत्काल प्रभाव से बहाल कर पूर्ववत संस्था में पदस्थ किया जाता है। वहीं निलंबन अवधि को कार्य दिवस मान्य किया जाता है।