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राजधानी में बढ़ रहा कुत्तों का आतंक, लोग रोज हो रहे डॉग बाइट के शिकार

1 जून से 8 जुलाई तक 4 सौ से अधिक लोग इसके शिकार हो चुके हैं। इसमें आंबेडकर अस्पताल के ही 2 सौ से अधिक लोग शामिल हैं।

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Dog bite

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रायपुर. राजधानी में आवारा कुत्तों का खौफ लगातार बढ़ते जा रहा है। रोजाना इनके काटने से 10 से अधिक लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। 1 जून से 8 जुलाई तक 4 सौ से अधिक लोग इसके शिकार हो चुके हैं। इसमें आंबेडकर अस्पताल के ही 2 सौ से अधिक लोग शामिल हैं। इसमें 14 साल से कम उम्र के 58 बच्चे भी हैं। 24 जून को एक दिन में 15 लोग, कुत्ते काटने से घायल होकर आंबेडकर अस्पताल पहुंचे थे। वहीं शुक्रवार को दोपहर 3 बजे तक अस्पताल में 9 पीड़ित पहुंच चुके थे। मेडिसीन विभाग के विशेषज्ञ डॉ. आरएल खरे का कहना है कि जून से पहले दिनभर में एक-दो मरीज देखने को मिले थे, लेकिन वर्तमान में रोजाना आंबेडकर अस्पताल में 5-6 डॉग बाइट के केस पहुंच रहे हैं। इसमें एमरजेंसी में ज्यादा केस आते हैं।

रैबिज का इंजेक्शन नहीं लिए तो सीधे मौत : डॉग बाइट पर पांच रैबिज के इंजेक्शन लगते हैं। पहले दिन, तीसरे दिन, 7वें दिन, 14वें दिन व 28वें दिन में इसकी डोज होती है। इसका असर दिखाने में सात दिन लगते हैं। अगर कुत्ते ने किसी को जगह-जगह पर गंभीर रूप से काटा है और वह ब्रेन के नजदीक है तो ऐसे में रेबीज इन गोलो ग्लोब्युलिन इंजेक्शन लगाना अतिआवश्यक हो जाता है। इस इंजेक्शन को जहां-जहां डॉग बाइट होता है, वहां-वहां इनफेक्शन को ब्लॉक करने के लिए तुरंत लगाना पड़ता है।

कुत्तों के खौफ में राजधानी
जल्द बनाई जाएगी योजना : अभियान चलाकर कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा। आवारा कुत्ते शहर की बड़ी समस्या है। इस पर शहर के लोगों को निजात दिलाने के लिए जल्द योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। -मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम कमिश्नर
बारिश के सीजन में डॉग बाइट के केस बढ़ जाते हैं। यह कुत्तों का ब्रिडिंग सीजन है। अगर किसी ने इन्हें छेड़ दिया या पत्थर मार दिया तो वे उत्तेजित हो जाते हैं और काट लेते हैं। 15-20 दिन के बाद यह सामान्य होने लगेगा।
-डॉ. आरएल खरे, मेडिसीन विभाग आंबेडकर अस्पताल

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