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रायपुर। सोना एक ऐसा धातु है जो खूबसूरती (test the purity of gold) तो बढ़ाता है आड़े वक्त में काम भी आता है। सोने में सबसे ज्यादा अगर किसी चीज पर चर्चा होती है तो वो है इसकी शुद्धता। वैसे तो हर ज्वेलर्स अपने-अपने पैरामीटर से इसकी शुद्धता का दावा करता है लेकिन अगर आपको प्रमाणित टेस्ट कराना है तो आप भारतीय मान ब्यूरो के हॉलमॉर्किंग सेंटर पर जाएं।
वहां आप महज 100 रुपए देकर सोने की गुणवत्ता जान सकते हैं। आपको सरकारी सर्टिफिकेट भी मिलेगा। यह कहा भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर के प्रमुख सुमित कुमार ने। वे शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित च्च्मानक क्लबज्ज् के संरक्षकों के लिए दो दिवसीय ट्रेनिंग कार्यक्रम में बोल रहे थे। एक महिला के सवाल पर उन्होंने कहा कि सोना एक ऐसा धातु है जिसे कोई शेप देने के लिए कुछ न कुछ मिलाना पड़ता है।
खरीदने और बेचने के दौरान दुकानदार अपना फायदा देखता है। सोने की जांच जिस भी पद्धति से हो जरूरी नहीं कि वह वास्तविक बताए। असली टेस्ट केमिकल एनॉलिसिस से ही होता है और इसके लिए मानक ब्यूरो की ओर से लिस्टेड हॉलमॉर्किंग सेंटर बीआईएस के ऐप में उपलब्ध है। रायपुर में ऐसे छह सेंटर हैं।
इन्होंने भी रखी बात
कार्यक्रम में राजेश कुमार महाप्रबंधक भारतीय खाद्य निगम, अलोक साहू निर्देशक केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर, एके त्रिपाठी डीन दुग्ध विज्ञान संसथान रायपुर, जगननाथ माझी प्रमुख भारतीय मानक ब्यूरो भुवनेश्वर ने भी अपनी बात रखी।
42 स्कूलों के टीचर शामिल
ट्रेनिंग में राज्य के विभिन्न जिलों के 42 शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक भाग ले रहे हैं। स्कूलों के बीच मानकों की जागरुकता को बढ़ावा देने के लिए मानक क्लबों का गठन किया गया है। इस माध्यम से मानक क्लब में संचालित किए जाने वाली विभिन्न गतिविधियों जैसी की मानक लेखन प्रतियोगिता, वाद-विवाद, शैक्षणिक एक्सपोजर विजिट के बारे में मानक क्लब के संचालक शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है।
Published on:
02 Dec 2022 03:55 pm
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