1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बूढा तालाब पर धरना-प्रदर्शन करने वालों की मांगे पूरी नहीं हुई पर नोटिस जरूर मिला, यह है वजह

प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन करने वालों से कहा है कि उनकी गतिविधियों से कानून व्यवस्था प्रभावित होती है। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हैं। रैली निकलने से रास्ता जाम होता है और शहर के लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। इसलिए बूढा तालाब खाली करें।

less than 1 minute read
Google source verification
बूढा तालाब पर धरना-प्रदर्शन करने वालों की मांगे पूरी नहीं हुई पर नोटिस जरूर मिला, यह है वजह

विभिन्न मांगों को लेकर बूढा तालाब पर धरना-प्रदर्शन कर रहे लोग

रायपुर . अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर दिवंगत पंचायत शिक्षकों के परिजन बिना प्रशासन की अनुमति के बूढ़ातालाब के पास धरना प्रदर्शन के साथ-साथ अनशन व भूख हड़ताल कर रहे हैं। मंगलवार को प्रशासन ने नोटिस देकर बूढ़ातालाब धरना स्थल खाली करने को कहा है। आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का भी हवाला दिया गया है। कलेक्टर की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान आपके द्वारा समय-समय पर रैली निकालकर प्रशासन के विरूद्ध नारेबाजी बयानबाजी की गई है। कलेक्टर की नोटिस में प्रशासन के आदेशों की अवहेलना का हवाला देते हुए जनता को हो रही दिक्कतों की बात कही गई है।

यह भी पढ़ें : CG Politics : परिक्रमा करने वालों को BJP प्रदेश प्रभारी माथुर की दो टूक- काम तो करना होगा, नहीं तो बाहर जाएं

यह है प्रदर्शनकारियों का पक्ष
संघ के प्रभारी प्रदेशाध्यक्ष माधुरी चंद्रा ने बताया कि हम पिछले 84 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं। हम शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन के अधिकारियों ने हमें धरना स्थल खाली करने को कहा है। 2018 विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में नियुक्ति की बात कहीं थी, लेकिन अभी तक पूरा नहीं किया है। ऐसे ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2022 में एक कमेटी बनाया था। जल्द ही मांग पूरी हो जाने का आश्वासन दिया था। इन बातों और घोषणाओं को भूलकर हमें धरना समाप्त करने को कह रहे हैं। नोटिस की सूचना पर कर्मचारी नेता विजय झा और भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने प्रशासन के इस आदेश का विरोध किया।

Story Loader