
जल जीवन मिशन को लेकर सदन में हंगामा (Photo Patrika)
विधायक चंद्राकर ने कहा, करीब 5 हजार घुसपैठिए छत्तीसगढ़ में मौजूद हैं। आधार, राशन, पासपोर्ट बनाकर सरकारी योजना का लाभ ले रहे हैं। सरकारी सिस्टम में इनके मदद करने वाले मौजूद हैं। उन्होंने डिटेंशन सेंटर बनाने की मांग की। गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने जवाब में कहा, कई जिलों में एफआईआर कर कार्रवाई की गई है। टोल फ्री नंबर जारी कर जनभगिता शामिल कर रहे। उन्होंने विधायकों के डिटेंशन सेंटर बनाने की मांग पर कहा, डिटेंशन सेंटर की जरूरत नहीं है. बोर्डिंग सेंटर बनाया जाएगा। रायपुर में 100 सीटर बोर्डिंग सेंटर बनाया जाएगा। जो लोग चिन्हित होंगे उनको जेल नहीं बल्कि बोर्डिंग सेंटर में रखा जाएगा. ऐसे लोगों को चिन्हित करने के बाद बीएसएफ को सौंपा जाएगा। बीएसएफ उनको डिपोर्ट करने की कार्रवाई करेगा।
ध्यानाकर्षण में घुसपैठियों के मुद्दे पर विपक्ष के विधायक उमेश पटेल ने विधायक चंद्राकर और बोहरा की मांग का समर्थन करते हुए पाकिस्तान के घुसपैठियों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर गृह मंत्री शर्मा ने पाकिस्तानी नागरिक के रहने पर भी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों को नागरिकता हासिल करने की छूट रहेगी।
चर्चा के दौरान विधायक चंद्राकर ने कहा, टीएस सिंहदेव ने पत्र लिखा था कि महामाया पहाड़ी पर कब्जा हो गया है। पश्चिम बंगाल तो बांग्लादेश बन ही गया है। समुचित कार्रवाई हो रही तो ये आ कैसे गए। चार राज्य पार कर रोहिंग्य, बांग्लादेशी आ कैसे गए। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा, पहली बार एसटीएफ का गठन किया गया है। एम आधार ऐप से संदिग्ध का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। 19 प्रकरण दर्ज किया गया है।
विधायक राजेश मूणत ने कहा, संजय नगर, टिकरापारा में जितने बीएसयूपी के मकान बने हैं उनमें बड़ी संख्या में बाहरी लोग आकर बसे हैं। यहां अभियान चलाया जाए। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा, पुलिस के साथ जरूर अभियान चलाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में पिछले काफी समय से अपनी पहचान छिपाकर रहने वाले 40 बांग्लादेशी नागरिकों को विशेष विमान से गुवाहाटी भेजा गया है। उक्त सभी को राज्य पुलिस ने रायपुर, दुर्ग, मोहला-मानपुर और रायगढ़ जिले से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया था। न्यायालीन कार्रवाई के बाद सभी को विमान से गुवाहाटी ले जाया गया है। जहां उक्त सभी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दिया गया है। बता दें कि उक्त सभी बांग्लादेशी नागरिकों को डीएसपी स्तर के अधिकारी के साथ रवाना किया गया है। बार्डर में बीएसएफ को सौंपे जाने के बाद सभी को वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा।
Updated on:
15 Jul 2025 11:11 pm
Published on:
15 Jul 2025 11:11 pm
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