
गर्मियां आते ही बढ़ जाता है इन रोगों का खतरा, जानें कैसे करें बचाव
डिहाइड्रेशन
डिहाइड्रेशन को निर्जलीकरण के नाम से भी पहचाना जाता है। इससे पीडि़त व्यक्ति के शरीर में पानी, शुगर और नमक के संतुलन में गड़बड़ हो जाती है। डिहाइड्रेशन के दौरान व्यक्ति का मुंह सूखता है, थकान, प्यास का बढऩा, पेशाब कम होना, सिर दर्द, रूखी त्वचा, कब्ज, और चक्कर आने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। हालत गंभीर होने पर व्यक्ति को प्यास अधिक लगती है और हार्ट रेट बढऩे के साथ ब्लड प्रेशर लो हो जाता है। इस समस्या से बचने के लिए व्यक्ति को अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा नींबू पानी, नारियल पानी, शिकंजी या अन्य तरल पदार्थों को अपनी रोजाना डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।
घमौरी
घमौरी होने पर शरीर पर छोटे-छोटे लाल दरदरे दाने हो जाते हैं। इसमें बहुत ज्यादा खुजली होने लगती है।घमौरी अक्सर उमस, ह्यूमिडिटी और ज्यादा टाइट कपड़ों के पहनने की वजह से होती है। इसके अलावा घमौरी शरीर पर कपड़े की घर्षण या कपड़े से ढकी त्वचा पर भी होती है। घमौरी से बचने के लिए गर्मियों में ज्यादातर सूती के कपड़े पहनें, ऐसा करने से आपकी त्वचा सांस ले पाती है। नहाने के बाद एकदम कपड़े पहननें की जगह पहले अपने शरीर को अच्छी तरह सूखा लें।
फूड पॉइजनिंग
गर्मी के मौसम में हवा में ह्यूमिडिटी होने की वजह से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से बढ़ते हैं। जो भोजन को जल्दी दूषित कर देते हैं। ऐसा भोजन करने से व्यक्ति को फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है। जिसकी वजह से पेट में दर्द, बुखार, बार-बार उल्टी, सिरदर्द, कमजोरी, दस्त भूख कम लगना, पेशाब में जलन या पेशाब न आना, मुंह सूखना आदि लक्षण नजर आ सकते हैं। इससे बचने के लिए हमेशा अपने हाथ-मुंह धोकर सब्जी हो या फल उन्हें भी धोकर खाएं। बासी, पुराना और बाहर का खाना खाने से बचें।
Disclaimer- इस आलेख में दी गई जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी पत्रिका डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
Published on:
12 Apr 2021 09:39 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
