
‘बने खाबो-बने रहिबो’ अभियान (Photo source- Patrika)
CG News: प्रदेश में खाने की चीजों में मिलावट थम नहीं रही है। तीन दिन प्रदेश के सभी 33 जिलों में चले जांच अभियान में खाने मोबाइल लैब वैन से मौके पर ही 1978 सैंपलों की जांच की गई। इसमें 58 अमानक, 10 असुरक्षित व 24 मिस ब्रांड निकले। यानी 92 सैंपल फेल हो गए। रायपुर में 25 किलो दही व गरियाबंद में फफूंद लगा खोवा बेचा जा रहा था। मिस ब्रांड का मतलब उत्पाद को गलत तरीके से पेश करना। जांच में 5 फीसदी उत्पाद नियमों में खरे नहीं उतरे। 50 किलो पनीर भी जब्त किया गया।
बने खाबो, बने रहिबो के तहत प्रदेशभर में 4 से 6 अगस्त तक हाट बाजार, स्ट्रीट फूड व रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की गई। इसमें 8 मोबाइल लैब वैन का उपयोग किया गया। यही नहीं सभी जिलों में 162 विधिक व 628 सर्विलेंस नमूने एकत्रित किए गए हैं। इन्हें जांच के लिए कालीबाड़ी स्थित स्टेट लेवल की लैब में भेजा गया है। अमानक मिले खाद्य पदार्थों को मौके पर नष्ट कराया गया। इसमें धूल के कण, मसालों व तेल की क्वॉलिटी खराब निकली है।
रायगढ़ में 3 किलो मलाई पेड़ा, रायपुर में 25 किलो दही, रसगुल्ला अमानक पाया गया। 50 किलो पनीर जब्त किया गया। दुर्ग में पिज्जा, मनेंद्रगढ़ में 2 लीटर मीठी चटनी, सक्ती में 10 किलो मटर चाट नष्ट किया गया। बालोद में 2 किलो खोवा, बलौदाबाजार में 20 किलो पेड़ा, बीजापुर में 5 किलो लड्डू, दुर्ग में 4 किलो मोमोज अमानक मिला।
खाने की चीजों में मिलावट सेहत के लिए नुकसानदायक है। दही से लेकर मिठाइयों में मिलावट पेट संबंधी रोगों को जन्म देता है। चटनी में धूल या मसालों में मिलावट मिलना भी सेहत के लिए सही नहीं है। बड़े ब्रांड की चीजें बताकर बेचना भी सेहत की दृष्टि से खतरनाक है। लोगों को चाहिए कि विश्वनीय दुकान से व अच्छी क्वालिटी की चीजें खरीदें। - डॉ. जीबी गुप्ता सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट
Published on:
08 Aug 2025 10:38 am

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