17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रविवार को गुड़ खाएं और दूसरों को भी खिलाएं चमक जाएगी किस्मत

अगर आपको ऐसा लगता है कि आपकी किस्मत आपसे रूठी हुई है और आप उसे मनाना चाहते हैं तो रविवार को जरूर अपनाएं ये उपाय।

2 min read
Google source verification

image

Ashish Gupta

Jan 07, 2017

gud

gud

रायपुर.
सूर्यदेव प्रत्यक्ष देवता हैं जो हमें प्रतिदिन दिखाई देते हैं। सूर्यदेव आदित्य और भास्कर जैसे कई दिव्य तेजस्वी नामों से जाने जाते हैं। सूर्य देव सारी सृष्टि के ऊर्जा और प्रकाश के कारक हैं। उन्हें प्रसन्न करना बेहद आसान है। वैदिक युग से भगवान सूर्य की उपासना का उल्लेख मिलता है।


ऋग्वेद में सूर्य को स्थावर जंगम की आत्मा कहा जाता है। अर्थात वैदिक युग से अब तक सूर्य को जीवन, स्वास्थ्य एवं शक्ति के देवता के रूप में मान्यता है। छान्दोग्य उपनिषद में सूर्य को ब्रह्म कहा गया हैं। पुराणों में द्वादश आदित्यों, सूर्य की अनेक कथाएं प्रसिद्ध हैं, जिनमें उनका स्थान व महत्व वर्णित है। ज्योतिषशास्‍त्र के अनुसार नाम, राज्य और यश के चाहवान व्यक्ति को इस तरह का भोजन खाने और खिलाने से बड़े फायदे होते हैं।


रविवार को क्या करें और क्या न करें


- रविवार को गुड़ और गेहूं से बनी रोटी भगवान विष्णु पर चढ़ाकर ब्राह्मणों को दान करने और खुद प्रसाद रूप में खाने से सौभाग्य प्राप्त होता है।


- रविवार को बेसन से बने लड्डू अथवा बर्फी लाकर सूर्य देव को भोग लगाकर सभी पारिवारिक सदस्य मिल-बांट कर खाएं।


- रविवार को गुड़ की खीर बनाकर स्वयं भी खाएं और दूसरों को भी खिलाएं। संभव न हो तो गुड़ ही खाएं और खिलाएं।


- चीनी अथवा गुड़ की रोटी बनाकर खाएं और कुत्तों को भी खिलाएं।


- बैल अथवा सांड को गुड़ और गेहूं खिलाएं।


- रविवार को राजमा के सेवन से रक्त संचार बेहतर होता है।


- रविवार को चुकंदर के सेवन से शरीर में जीवनप्रद ऊर्जा का संचार होता है।


- शनिवार की रात को सोने से पहले तांबे के बर्तन में पानी भरकर रख दें। रविवार को सुबह उठते ही इस पानी को पिएं। इससे आपके तन-मन पर सूर्य का प्रभाव बढ़ेगा और बहुत से रोगों से निजात मिलेगा।


- रविवार को नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। संभव न हो तो सूर्यास्त से पहले नमक का सेवन न करें।

ये भी पढ़ें

image