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बारात ने बजाया ट्रैफिक का बाजा, देर रात सड़कों पर लगता है जाम, रात 1 बजे तक मशक्कत करते दिखे जवान

सोमवार को 10 रेखा का मुहूर्त था। विवाह के लिए इसे सबसे अच्छा मुहूर्त माना जाता है। इस कारण जिले में शादियों की संख्या ज्यादा थी। जिले में शादियां ज्यादा होने से रात 8 बजे से लेकर 1 बजे तक पुलिस महकमें के अधिकारी यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने की मशक्कत करते दिखे। सोमवार की शहर में 30 से ज्यादा स्थानों में लंबा जाम लगा। इनमें से कुछ स्थानों पर पुलिस के जवान पहुंचे सके, शेष अन्य स्थानों पर लोग मशक्कत करते हुए देर रात घर पहुंचे।

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रायपुर. राजधानी की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था से जिले का हर व्यक्ति वाकिफ हैं। बदहाल, ट्रैफिक को दुरूस्त करने के लिए रायपुर पुलिस के अधिकारी युद्धस्तर पर प्रयास कर रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है और मैरिज हॉल, होटल संचालकों की बैठक लेकर आयोजनों से पहले इजाजत लेने और विभाग द्वारा बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों की इस समझाइश के बाद भी जिले में मैरिज हॉल और होटल संचालक नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं।

नियमों के विपरीत शहर में बारात निकालकर कानून की धज्जियां उडाई जा रही है और जिला प्रशासन व पुलिस मूकदर्शक बनकर यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्रयास करते रहते हैं। अभी शादियों के काफी मुहूर्त हैं। इन शादियों के लिए मैरिज गार्डनों के आसपास से निकलने वाली बारात ने ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह से बदहाल कर दिया है। सेरीखेड़ी, वीआईपी रोड, हीरापुर, लालपुर, भाठागांव, तेलीबांधा, चंगोराभाठा इलाके में बारात निकलने की वजह से घंटों लोग जाम से परेशान हो रहे हैं।

सोमवार को 10 रेखा का मुहूर्त था। विवाह के लिए इसे सबसे अच्छा मुहूर्त माना जाता है। इस कारण जिले में शादियों की संख्या ज्यादा थी। जिले में शादियां ज्यादा होने से रात 8 बजे से लेकर 1 बजे तक पुलिस महकमें के अधिकारी यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने की मशक्कत करते दिखे। सोमवार की शहर में 30 से ज्यादा स्थानों में लंबा जाम लगा। इनमें से कुछ स्थानों पर पुलिस के जवान पहुंचे सके, शेष अन्य स्थानों पर लोग मशक्कत करते हुए देर रात घर पहुंचे।

इन नियमों का करना है पालन, लेकिन कोई मानता नहीं
लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग सार्वजनिक स्थलों पर उसे क्षेत्र के परिवेशीय ध्वनि पैमाने से 10 डीबी से अधिक या 75 डीबी या इनके बीच कम आने वाले मानक के बराबर होना चाहिए।

रात 10 से सुबह 6 बजे के बीच ध्वनि विस्तारक वाद्य यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित है।

ध्वनि विस्तारक वाद्य यंत्रों के उपयोग के दौरान एनजीटी और शासन द्वारा निर्धारित गाइड लाइन का पालन करना चाहिए। वाहनों पर वाद्य यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित है।

आयोजन शांतिपूर्वक आयोजित किया जाना चाहिए।

किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र का उपयोग नहीं किया जाए।

यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और मुख्य मार्ग को अवरूद्ध नहीं किया जाए।

आयोजन स्थल का सक्षम प्राधिकारी से विधिवत अनुमति प्राप्त किया जाए।

आयोजन स्थल में किसी प्रकार की अश्लीलता या फूहड़ता प्रदर्शित न हो।

आयोजन के दौरान किसी प्रकार के मादक द्रव्य का का उपयोग न किया जाए।

आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था ना हो, इसलिए पर्याप्त स्वयं सेवकों की व्यवस्था होना चाहिए।

आयोजन के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।

स्वीकृति किसी भी समय जिला प्रशासन के अधिकारी निरस्त कर सकते है।

अनुमति का उल्लंघन या दुर्घटना होने पर पूरी जवाबदारी आयोजक की होगी तथा नियमानुसार उस पर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

नियम तोड़ रहे लोगों की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है। पूर्व में भी कई डीजे संचालकों पर एक्शन लिया गया है। जिस भी इलाके में इस तरह की समस्या आती है, वे स्थानीय थाना में शिकायत देकर इससे निजात पा सकते हैं। -अभिषेक माहेश्वरी, एएसपी सिटी

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