
Auto Expo 2026: देश की अर्थव्यवस्था में ऑटोमोबाइल सेक्टर का बड़ा योगदान है। रायपुर भी ऑटोमोबाइल सेक्टर में काफी ग्रोथ कर रहा है, स्थिति यह है कि देश में कोई भी नई व महंगी गाड़ी लॉन्च होती है वे जल्द ही रायपुर में ऑर्डर हो जाती है। जल्द ही केंद्रीय बजट पेश होने वाला है, इस सेक्टर से जुड़े व्यापारी भी बजट को लेकर काफी उम्मीदें लगाए बैठे है। इसको लेकर पत्रिका ऑफिस में शुक्रवार को टॉक शो आयोजित किया गया।
शो में ऑटो मोबाइल सेक्टर से जुड़े बिजनेसमैन शामिल हुए। उन्होंने ऑटोमोबाइल सेक्टर की कंपनी के यहां खुलने, इलेक्ट्रॉनिक गाडि़यों के चार्जिंग प्वॉइंट में सब्सिडी, हाईब्रिड गाडि़यों को प्रमोट करने और लग्जरी गाडि़यों में टैक्स कम करने जैसे अनेक मुद्दे उठाए। साथ ही कहा कि बिजनेसमैन को भी सरकार को जीएसटी में एक प्रतिशत पीएलआई के तौर पर रिटायरमेंट के बाद देना चाहिए। जैसे अन्य कंपनियां देती हैं। साथ ही सीएनजी के स्टेशन बढ़ाने चाहिए, क्योंकि रायपुर में वर्तमान में सिर्फ तीन ही स्टेशन है।
ऑटो एक्सपो: लक्क्ष्य बढ़कर 70 हजार
रायपुर में आयोजित ऑटो एक्सपो को लेकर राडा के कैलाश खेमानी ने बताया कि पिछले साल हमने एक्सपो में 30 हजार गाडि़यां बेची थीं। इस बार हमारा लक्क्ष्य 17 दिन में 50 हजार प्लस था, लेकिन अब हमारा लक्क्ष्य बढ़कर 70 हजार करीब पहुंचने का है। तीन दिन में 6500 गाडि़यां बिक गई हैं। शुक्रवार की रात तक 5 हजार गाडि़यों बिकने की उम्मीद है। इस बार एक्सपो में 300 से ज्यादा स्टॉल लगे हैं। इनमें रायपुर के 104 स्टॉल हैं।
छत्तीसगढ़ में बडी इंडस्ट्री की आवश्यकता
रुलर मार्केट डेवलपमेंट हो रहा है, इसके कारण मार्केट बढ़ा है। छत्तीसगढ़ में बड़ी बडी इंडस्ट्री आएगी तो हर सेक्टर में डेवलपमेंट होगा। एप्रोच जरूरी है, इससे रोजगार भी बढ़ेगी। वहीं इलेक्ट्रॉनिक गाडि़यों के चार्जिंग प्वाइंट की कमी है, सूचना है सरकार इस ओर ध्यान दे रही है। जिसमें सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल, अस्पताल, पार्किंग समेत अन्य जगह पर लगाए जाएंगे। इससे इलेक्ट्रानिक गाडि़यों की भी बिक्री बढ़ेगी। सरकार को इससे प्रमोट करना चाहिए।
28 प्रतिशत टैक्स ही रखना चाहिए
हर सेक्टर में छत्तीसगढ़ में काफी ग्रोथ हुआ है। ऑटोमोबाइल सेक्टर का जीएसटी में 17 प्रतिशत योगदान छत्तीसगढ़ में है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए, लग्जरी गाडि़यों में सरकार को टैक्स कम करना चाहिए, सेल बढ़ेगा तो टैक्स बढ़ेगा, क्योंकि 10 से 15 लाख से ऊपर की गाडि़यों में जीएसटी 40 प्रतिशत है, पहले 28 प्रतिशत, और शेष 18 प्रतिशत था। जबकि फाॅरेन कंट्री में सब में सामान है। वहीं दस प्रतिशत आरटीओ, तीन प्रतिशत इंश्योरेंस है, 53 प्रतिशत तो टैक्स ही हो गए। सरकार को 28 प्रतिशत टैक्स ही रखना था, इससे लग्जरी की सेल बढ़ेगी क्योकि छत्तीसगढ़ 7 राज्यों से घिरा हुआ है, इससे काफी फायदा होगा।
हाईब्रिड गाडि़यों को प्रमोट किया जाए
ईवी गाडि़यों में पहले केंद्र की सब्सिडी थी, जो कि थ्री व्हीलर में बंद हो गई है। वहीं फोर व्हीलर में कम है, इसको लेकर सरकार को विचार करना चाहिए। हाईब्रिड गाडि़यों को सरकार को प्रमोट करना चाहिए, यूपी में इसको लेकर आरटीओ फ्री है। इस गाड़ी को ईवी में डाल देना चाहिए, लेकिन इसे अभी भी पेट्रोल गाड़ी में ही गिना जाता है।
विकास मत्थानी, सदस्य
टू व्हीलर में उछाल की जरूरत
यहां टू व्हीलर गाडि़यों की बिक्री 47 प्रतिशत है, जो की बहुत अच्छी है, कई चीजों में सरकार ध्यान दे तो इसे ओर बढ़ाया जा सकता है। क्योंकि थाइलैंड में 87 प्रतिशत है। आज भी टू व्हीलर गाडि़यों की कीमत काफी कम है, मोबाइल और सोने की कीमत काफी बढ़ गई है, लेकिन जो टू व्हीलर में उछाल होना था वो नहीं हो पाया। क्योंकि गाडि़यों में कई हाईटैक चीजें भी आ गई हैं, पर कीमत आज भी वहीं है। गाड़ी होने से अब व्यक्ति लंबे दूर जाकर भी नौकरी कर सकता है, पहले साइकिल होने से ज्यादा दूर जाने पर सोचना पड़ता था।
अभिनव ऋषि, बोर्ड सदस्य
यहां भी यह सुविधा मिले
ईवी गाडि़यों में 5 प्रतिशत जीएसटी है, वहीं आरटीओ में जीरो प्रतिशत था, लेकिन महाराष्ट्र, बेंग्लूरु में फ्री रहता है, यहां भी यह सुविधा होनी चाहिए। साथ ही पहले जो ईवी थे उसको चार्ज करने 6-7 घंटे लगते थे, लेकिन अब जो आ रहे है, 3 घंटे में ही चार्ज हो जाते हैं। अब तो कुछ कंपनी की गाड़ी में लाइफ टाइम बैटरी वारंटी भी आ गई है।
यश कानिया, सदस्य
यहां ऑटोमोबाइल सेक्टर की इंडस्ट्री होनी चाहिए
यहां ऑटोमोबाइल सेक्टर की इंडस्ट्री होनी चाहिए, सरकार इसमें ध्यान दें क्योंकि यहां लोहा, पावर समेत अन्य संपदा भरपूर है। एक इंडस्ट्री भी यहां आती है तो साथ में कई इंडस्ट्री के आने के रास्ते खुल जाते हैं। वर्तमान में सामान बाहर से मंगाने पड़ रहे हैं और बनकर भी बाहर ही जा रहे हैं। इंडस्ट्री के लिए जो चाहिए सब छत्तीसगढ़ में है।
बिष्णु अग्रवाल, सदस्य
सिस्टम बनाकर सभी को लिंक करें
वर्तमान में जीएसटी और आरटीओ टैक्स का पैसा सरकार को पहुंच रहा है। वहीं, घूमकर लोगों के पास आ रहा है, जैसे की धान खरीदी समेत अन्य तरीके से, जबकि सरकार को जीएसटी के पैसे को यूज करना चहिए, यहां 95 प्रतिशत कन्ज्यूमर होता है।
वहीं ग्रोथ के लिए सरकार को सभी के बीच सामंजस्य बैठना जरूरी है, जिससे काम अटके नहीं। इसके लिए आधार कार्ड में जिस तरह पेन, बैंक, राशन सभी लिंक है, उसी तरह एक सिस्टम बनाकर सभी को लिंक करना चाहिए, जिससे सिंगल विंडो हो जाए।
सूरज पारवानी, सदस्य
Published on:
23 Jan 2026 11:18 pm
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