23 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Raipur: मौसेरे भाई ने कंपनी बनाकर विदेश भेजे करोड़ों रुपए, डायरेक्टर के घर ED ने मारा छापा तो खुला फर्जीवाड़ा

Raipur ED Raid: एक युवक ने फर्जी कंपनी बनाकर अपने मौसेरे भाई को डायरेक्टर बना दिया। कई बैंकों के जरिए करोड़ों विदेश भेजना की भनक ईडी को लगी तो छापामार कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ..
2 min read
Google source verification
Chhattisgrh police

प्रतीकात्मक फोटो

Chhattisgarh Crime News: राजधानी रायपुर में फर्जी कंपनी के जरिए करोड़ों रुपए विदेश भेजने के मामला सामने आया है। एक युवक ने फर्जी कंपनी बनाकर अपने मौसेरे भाई को डायरेक्टर बना दिया। इसके बाद कंपनी के नाम से कई बैंकों में खाते खोले गए। इसकी भनक लगने पर ईडी ने कंपनी के डायरेक्टर के घर छापा मारा। इसके बाद पीड़ित डायरेक्टर को मामले की जानकारी हुई। उसकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना में लिया है।

Raipur ED Raid: मौसेरे भाई समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज

पुलिस के मुताबिक सड्डू निवासी संदीप सेठ की शिकायत पर उसके मौसेरे भाई रितेश गुप्ता और अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। पीड़ित संदीप ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में वह बेरोजगार था। उस दौरान रितेश गुप्ता और एक अन्य व्यक्ति ने उसे ठाणे (मुंबई) स्थित कांसलीवाल बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में 50 हजार प्रतिमाह वेतन पर निदेशक की नौकरी दिलाई थी। उसे कंपनी के कामकाज की पूरी जानकारी कभी नहीं दी गई और अधिकांश दस्तावेजों पर घर भेजकर हस्ताक्षर कराए जाते थे। इस दौरान रितेश गुप्ता ने कई दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर भी कराए थे।

विदेश भेजा गया पैसा

संदीप को वर्कफ्रॉम होम रहने कहा गया था। कुछ दिनों बाद उन्हें मुंबई ले जाकर एसबीएम बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और आरबीएल बैंक में कंपनी के खाते खुलवाए गए। इन खातों में उसे अधिकृत लेन देनकर्ता तो बनाया गया, लेकिन उसकी जानकारी के बिना किसी अन्य मोबाइल नंबर को बैंक खातों से लिंक कर दिया गया, जिससे उसे लेनदेन की जानकारी नहीं मिल सकी। ईडी की कार्रवाई के बाद मामला उजागर हुआ।

ईडी का छापा पड़ा

संदीप सेठ के घर 22 अप्रैल 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापा मारा था। पूछताछ के दौरान उसे पहली बार पता चला कि जिस कंपनी में वह निदेशक था, उसके बैंक खातों से करोड़ों रुपए विदेश भेजे गए हैं। संदीप का आरोप है कि उसके नाम और पहचान का दुरुपयोग कर, उसे पूरे मामले में फंसाने की साजिश की गई। पुलिस अब ईडी से संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों के रेकॉर्ड और ट्रांजेक्शन का ब्यौरा जुटा रही है। जांच में यह पता किया जाएगा कि विदेश भेजी गई राशि का स्रोत क्या था? और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल थे।

बड़ी खबरें

View All

रायपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग