16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्तीसगढ़ में इस जगह चल रहा बेनामी जमीन खरीदी का खेल, आयोग पहुंचा मामला

अमलीभौना में कोरबा वेस्ट का विस्तार हो रहा है। इसके लिए वहां पर आदिवासियों की जमीन बेनामी क्रय करने व भू-अर्जन के नियमों के विपरीत कब्जा दिलाने का काम

2 min read
Google source verification
Poor land

रायगढ़. सारंगढ़ मार्ग में स्थित ग्राम अमलीभौना में कोरबा वेस्ट का विस्तार हो रहा है। इसके लिए वहां पर आदिवासियों की जमीन बेनामी क्रय करने व भू-अर्जन के नियमों के विपरीत कब्जा दिलाने का काम चल रहा है। अब इस मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने संज्ञान में लिया है। ऐसे में अब इस मामले की जांच आयोग की ओर से की जाएगी।

विदित हो कि पूर्व में पीडि़त किसानों ने जब इस मामले की शिकायत की तो इसकी जांच करने के बजाए उल्टे पुलिस बल की उपस्थिति में कोरबा वेस्ट को जमीन का कब्जा दिलाने का काम शुरू कर दिया तो आदिवासी किसानों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने ग्रामीणों की शिकायत का प्रारंभिक परीक्षण किया तो इस प्रकरण को जांच योग्य पाया। जिस पर आयोग की टीम ने इस मामले में जांच करने का निर्णय लिया है और इसकी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पत्र क्रमांक 4/83/2017-18 आरयू/622 के माध्यम से आयोग ने कलक्टर को 15 दिन के भीतर स्व्यं उपस्थित होकर या फिर किसी अन्य माध्यम से मामले में की गई कार्रवाई और रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। जबकि देखा जाए तो अभी तक इस मामले में शिकायत मिलने के बाद तहसील स्तर पर जांच की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हुई है। आयोग ने जांच रिपोर्ट के अलावा मामले से जुड़े अन्य जानकारी भी मंगाई है। अमलीभौना के ग्रामीणों ने इस पत्र की सूचना मिलने के बाद राहत की सांस इस उम्मीद पर ली है कि कम से कम जांच तो शुरू हुआ।

इन आदिवासियों की जमीन हुई खरीदी : रामसिंग ने हरिशचंद्र भैना, हेमलता, फतेराम से जमीन की खरीदी किया है। इसीप्रकार बुधारूराम ने गाविंदराम, दीनबंधु भैना, नेहरू भैना, सहनीराम, रामचरण भैना, दुखीराम भैना, भंवर सिंग ने रामकुमार संवरा, चमरीन, कमल, पदुम, चौथा, गिरीलाल और ब्यास पिता रमई ने नानबाई, बरातु, गोपीचंद्र, सहनी भैना, डोलनारायण भैना, सुदर्शन भैना, रतिराम संवरा, लक्ष्मण संवरा, महेश संवरा, रूपसिंह संचरा वह अन्य शामिल हैं।

कोरबा वेस्ट के विकास के लिए प्रस्तावित क्षेत्र में आदिवासी जमीन भी आ रही है जिसका अधिग्रहण नहीं होने की बात किसान कह रहे है लेकिन गांव के आदिवासयों से औने-पौने दामों में ७ साल पहले रायपुर के आदिवासियों ने जमीन क्रय किया है। रायपुर के करीब आधा दर्जन आदिवासियों ने यहां पर भारी पैमाने पर लाखों रुपए की जमीन क्रय की है। जिसमें से कई तो बीपीएल कार्डधारी व मनरेगा के मजूदर हैं।

अधिग्रहण के एक माह पहले हुई थी पूरी खरीदी
सरकारी रिकार्ड के आधार पर देखा जाए तो 8 मई 2010 को उद्योग विभाग को अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव मिला और फिर 8 जुलाई 2010 को प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित की गई, लेकिन यहां पर दो दर्जन से अधिक आदिवासियों के जमीन की खरीद-बिक्री का पूरा खेल जून 2010 में ही खेल दिया गया। अधिकांश रजिस्ट्री जून 2010 का ही है।

ये भी पढ़ें

image

बड़ी खबरें

View All

रायपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग