
रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज सिंह का आज दिल का दौर पड़ने से निधन हो गया. सिंह 58 साल के थे. उनके निधन की खबर से राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है. मनोज मंडावी रविवार को सुबह कांकेर के टेलगरा गांव में थे. वहां उनको बेचैनी महसूस हुई और उल्टियां होने लगी. इस पर उन्हें फौरन एम्बुलेंस से धमतरी लाया गया. इसके लिए चारामा से धमतरी मसीही अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था. लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. डॉक्टर्स के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो चुका था.
मंडावी के निधन की खबर मिलते ही अस्पताल में कांग्रेस नेताओं का तांता लग गया. डॉक्टर्स की ओर से मंडावी का डेथ सर्टिफिकेट जारी करने के बाद उनके पार्थिव शरीर को वापस उनके गृह ग्राम भेज दिया गया. घटना के बाद उनकी पत्नी और बेटों का रो रोकर बुरा हाल हो गया.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि मंडावी वरिष्ठ आदिवासी नेता थे। उन्होंने नवगठित छत्तीसगढ़ के गृह राज्यमंत्री और विधानसभा के उपाध्यक्ष सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया और प्रदेश की सेवा की। वे वर्ष 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के तथा वर्ष 2013 और 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। श्री मंडावी छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष भी रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनोज सिंह मंडावी आदिवासी समाज के बड़े नेता थे। वे आदिवासियों की समस्याओं को विधानसभा में प्रभावशाली ढंग से रखते थे। मंडावी आदिवासी समाज की उन्नति और अपने क्षेत्र के विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहे।
प्रदेश के विकास में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उनका निधन हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने मनोज सिंह मंडावी के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
Published on:
16 Oct 2022 11:13 am

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