
विश्वकर्मा दुर्घटना मृत्यु सहायता योजना : मजदूरों की अंत्येष्टि की राशि खा गए अधिकारी, 8 योजनाओं में बड़ा गोलमाल, रिपोर्ट पहुंची सचिवालय
रायपुर. मजदूरों की अंत्येष्टि के लिए दिए जाने वाली सहायता राशि में भी लाखों का घोटाला सामने आया है। विभाग के जिम्मेदारों ने सहायता राशि में गड़बड़ी कर राशि गबन कर ली। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की 8 योजनाओं में बड़ा गोलमाल सामने आया है।
पत्रिका के पास उपलब्ध जांच रिपोर्ट के मुताबिक 1052 मजदूरों को योजना लाभ देना बताया गया है। वाउचर क्रमांक 1 व 3 में 147 व 54 में 201 आवेदकों को 60 लाख 30 हजार रुपए वर्ष 2017 में आवंटित होना बताया गया है। जबकि मजदूरों की मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु 2013 में लिखी हुई है। जबकि 2016 के बाद से बिना आधार कार्ड के योजना का लाभ नहीं देने का प्रावधान है। इतनी बड़ी राशि का भुगतान चार साल बाद किया गया। रिपोर्ट में जांचकर्ता ने आपत्ति दर्ज करते हुए कार्रवाई की मांग की है। जांचकर्ता के मुताबिक इस प्रकरण में मुख्यालय से अनुमति लेनी चाहिए थी।
यह है योजना में प्रावधान
विश्वकर्मा दुर्घटना मृत्यु पर अंत्येष्टि एवं अनुग्रह राशि भुगतान योजना के तहत दुर्घटना से मृत्यु पर अपंजीकृत श्रमिक को लाभ दिया जाता है। जब श्रमिक की कार्यस्थल पर मृत्यु हुई हो। योजना के अंतर्गत सभी प्रकरणों को मंडल के आयुक्त क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत सूचित किया जाना अनिवार्य है।
चार अधिकारियों के दल ने की जांच
जांच जांच समिति के अध्यक्ष अपर श्रम आयुक्त एवं सचिव छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल पीएस एल्मा, सदस्य उप श्रमायुक्त सविता मिश्रा और योजना अधिकारी रिचा सोनी ने जांच की थी। पत्रिका ने 5 जनवरी को अपने अंक में बताया था कि मजदूरों के कौशल विकास योजना में किस तरह गोलमाल किया गया था।
प्रसूति सहायता योजना में भी गड़बड़झाला
जांच अधिकारियों ने जांच के दौरान भगिनी प्रसूति सहायता योजना में भी गड़बड़ी पाई है। वर्ष 2017-18 में 6 वाउचरों में 282 प्रकरणों में 10 लाख 60 हजार रुपए का भुगतान किया गया। योजना में लाभांवितों के लगाए गए दस्तावेजों मंे भारी गड़बड़ी सामने आई। पंजीयन प्रमाण पत्र में उल्लेखित आयु तथा योजना आवेदन में दर्ज की गई आयु में अंतर पाया गया। जच्चा-बच्चा कार्ड में योजना के नियमानुसार गर्भावस्था की माहवार जानकारी नहीं लिखी गई है। जच्चा-बच्चा कार्ड में जारीकर्ता के हस्ताक्षर अंकित नहीं मिले हैं।
268 पन्नों की जांच रिपोर्ट
योजनाओं में हुए घोटालों की जांच चार अधिकारियों के द्वारा की गई। जांच समिति ने अपनी 268 पेज की जांच रिपोर्ट में महासमुंद जिले के श्रम पदाधिकारी घनश्याम पाणिग्रही को जिम्मेदार बताया है। अधिकारियों द्वारा जो दस्तावेज एकत्रित किए थे, उसके आधार में जांच रिपोर्ट बना कर तैयार कर ली है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के द्वारा संचालित सभी योजनाओं में गड़बड़ी सामने आई है।
श्रम विभाग के सचिव सुबोध सिंह ने बताया कि कई योजनाओं में गड़बड़ी की जांच करवाई गई है। क्रमश: सभी प्रकरणों की जांच रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी श्रम पदाधिकारी घनश्याम पाणिग्रही ने बताया कि प्रकरणों की जांच पूरी हो गई है। मैंने अपना पक्ष भी जांच अधिकारियों को दे दिया है। अब शासन जो भी फैसला लेगा मुझे मान्य होगा।
Published on:
08 Jan 2020 07:02 pm
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