
जगदलपुर। अगर ऐसा होता तो लैडिंग के लिए जररूरी पांच हजार मीटर की विजिबिलिटी कम हो जाती। एलायंस प्रबंधन शुरुआत से लेकर लगातार रनवे पर पॉपी लाइट्स व अन्य उपकरण लगाने की मांग कर रहा है, लेकिन मांग कोक अब तक पूरा नहीं किया गया है। पिछले एक सप्ताह से जगदलपुर मे एलायंस और इंडिगो की फ्लाइट ने खराब मौसम की वजह से लैडिंग नहीं की है। इसकी मुख्य वजह पर्याप्त विजिबिलिटी नहीं मिलना है। एलायंस एयर को यहां से ऑपरेट करते दो साल का वक्त होने को है वहीं इंडिगो ने दो महीने पहले ही यहां से शुरुआत की है। दोनों ही कंपनियांय यहां की अव्यवस्थाओं की वजह से परेशान हैं।
स्थानीय एयरपोर्ट से एलायंस एयर की नियमित फ्लाइट को शुरू हुए दो साल का वक्त बीतने को है लेकिन एयरपोर्ट से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या जस की तस है। एयरपोर्ट के रनवे में लैडिंग से जुड़े उपकरण नहीं लगे होने की वजह से फ्लाइट खराब मौसम में लगातार कैंसिल हो रही है। एलायंस एयर ने जब यहां से ऑपरेट करना शुरू किया था तो उसके उसने जिला प्रशासन ने यह भरोसा दिलाया था कि लैडिंग उपकरण से रनवे को जल्द लैस कर दिया जाएगा।
15 से 20 लाख के उपकरण से सुधर सकती है स्थिति
एयरपोर्ट के रनवे पर अगर 15 से 20 लाख रुपए के उपकरण भी लगा दिए जाएं तो स्थिति सुधर सकती है। एयरपोर्ट से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अगर सिर्फ पॉपी लाइट्स ही रनवे पर लगा दिए जाएं तो विजिबिलिटी पर दो से ढाई हजार का फर्क आ सकता है। इसके अलावा अन्य उपकरण भी अगर लग जाएं तो समस्या पूरी तरह से हल हो सकती है। प्रदेश में रायपुर एयरपोर्ट में अंतराष्ट्रीय स्तर के उपकरण लगे हुए हैं और वहां पर 1200 मीटर की विजिबिलिटी में भी फ्लाइट लैंड कर सकते हैं।
उपकरण लगे तो बढ़ जाएगी विजिबिलिटी
हर एयरपोर्ट में यात्री विमानों की लैडिंग के लिए डीजीसीए विजिबिलिटी निर्धारित करता है। जगदलपुर एयरपोर्ट के लिए 5 हजार मीटर विजिबिलिटी निर्धारित की गई है। यानी जब फ्लाइट रनवे के उपर हो तो उसे 5 हजार मीटर से रनवे स्पष्ट दिखना चाहिए, क्योंकि रनवे पर कोई लाइट्स या अन्य डायरेक्शन इक्यूपमेंट नहीं लगे हुए हैं इसलिए फ्लाइट को विजिबिलिटी का अंदाजा नहीं हो पाता है। एटीसी और मैट ऑफिस से भी इसी वजह से क्लीयरेंस नहीं दिया जाता है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि नहीं कर रहे कोई पहल
केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत जगदलपुर को एयर कनेक्टिविटी मिली है। जब से यह सेवा शुरू हुई है तब से एयरपोर्ट में संसाधनों की कमी का मुद्दा उठता रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि एयरपोर्ट में संसाधन बढ़ाने को लेकर कभी भी पहल करते नहीं दिखते। अगर जनप्रतिनिधि पहल करें तो डीएमएफ और एनएमडीसी के सीएसआर फंड से भी काम हो सकता है लेकिन कोई पहल नहीं होने की वजह से समस्या बनी हुई है।
Published on:
15 Jul 2022 04:56 pm

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