
हॉस्टल में लगी आग के बाद कमरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध, वार्डन ने दिए निर्देश
रायपुर. आइआइटी के पोटा केबिन में आगजनी की घटना के बाद छात्रों को हॉस्टल के कमरे में खाद्यान्न सहित हाई वोल्टेज उपकरण नहीं ले जाने का निर्देश दिया गया है। ई-मेल के माध्यम से छात्रों को जारी निर्देश में सभी उपकरणों को जमा करने पर एक रसीद जारी करने की बात कही गई है।
इसे दिखाने पर उपकरण वापस कर दिया जाएगा। वार्डन डॉ. धृति सुंदर घोष ने निर्देशित करते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों को कमरों में ले जाने से चूहों के साथ अन्य कीड़े-मकौड़ों के आने का खतरा रहता है, जो इलेक्ट्रिकल वायरिंग को क्षति पहुंचाते हैं और शॉर्ट सर्किट की स्थिति बनती है। इसके साथ ही उपकरणों से वायर सहित सर्किट पर लोड पडऩे से भी शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है। इसे देखते हुए प्रतिबंध लगाया गया है। पूरे प्रकरण में प्रबंधन सबक लेने की बजाए, छात्रों पर ही लगाम कसने में जुटा है।
जांच कमेटी की नहीं हो पाई एक भी बैठक
आगजनी की घटना के दो दिन बाद प्रबंधन की ओर से मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इसकी दो बैठकों की तारीख तय होने के बाद भी सभी सदस्य नहीं पहुंचे। इस वजह से कमेटी जांच की शुरुआत नहीं कर पाई है। वहीं, अगली बैठक को लेकर भी संशय है। इस पर जिम्मेदारों का कहना है कि सप्ताहभर के अंदर जांच कर ली जाएगी।
फायर सुप्रीटेंडेंट एम.एन. खान ने बताया कि मामले की जांच के लिए दो बार बैठक बुलाई गई, लेकिन कोरम पूरा नहीं होने की वजह से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है। अगली बैठक की कोई सूचना अभी तक नहीं है।
हॉस्टल वार्डन एवं जांच टीम सदस्य डॉ. धृति सुंदर घोष ने बताया कि प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट से घटना होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। इसे देखते हुए छात्रों को हाई वोल्टेज उपकरण और खाद्यान्न न ले जाने की हिदायत दी गई है।
Published on:
11 Mar 2019 01:57 pm
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