
कंडेल नहर आंदोलन में बापू का संबोधन....
रायपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर देशभर के भाजपा सांसद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से 150 किलोमीटर की पदयात्रा निकालने वाले हैं। इसके जवाब में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार गांधी विचार यात्रा निकालने जा रही है। यह यात्रा धमतरी जिले कण्डेल से 4 अक्टूबर को शुरू होकर रायपुर में 10 अक्टूबर को समाप्त होगी। 72 किलोमीटर की इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के जनप्रतिनिधि और नागरिकगण शामिल होंगे। कंडेल में किसानों का नहर सत्याग्रह चल रहा था, जिसमें भाग लेने के लिए गांधी जी रायपुर तक पहुंचे थे। तभी किसानों की मांगें मान ली गईं थीं। यह पदयात्रा 11 से 17 अक्टूबर तक प्रदेश के हर ब्लॉक में गांधी विचार यात्रा के ही नाम से निकाली जाएगी।
चार बड़ी योजनाओं का होगा शुभारंभ
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राÓय सरकार द्वारा 2 अक्टूबर से प्रदेश में चार बड़ी महत्वपूर्ण योजनाएं भी प्रारंभ की जा रही हैं, जो प्रदेशवासियों के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। आगामी 2 अक्टूबर से प्रदेश में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली का शुभारंभ किया जाएगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आहूत कर गांधी जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और देश की आजादी में उनके योगदान को याद किया जाएगा। गांधी जी की छत्तीसगढ़ यात्रा सहित देश की आजादी के लिए किए गए आन्दोलन और जनजागरण के कार्यो की स्मृतियों पर आधारित प्रदर्शिनी छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में लगाई जाएगी।
1 हजार ब"ो नजर आएंगे बापू की वेशभूषा में
गांधी जयंती के दिन सुबह ब'चा-ब'चा गांधी थीम पर एक हजार ब'चे बापू की वेशभूषा में शहर के जयस्तंभ चौक से गांधी मैदान तक पदयात्रा निकालेंगे। इसके साथ ही सालभर प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेजों में भी बड़े पैमानें में विविध आयोजन कर छात्रों को गांधी जी के आदर्शो और विचारों से अवगत कराया जाएगा। इसमें निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
यह है कंडेल नहर आंदोलन का इतिहास
अंग्रेजों के शासकाल के समय धमतरी में बने कंडेल डैम से खेती के लिए बेहद महंगे दर पानी लेने को अनिवार्य कर दिया गया था। इसके एवज में सिंचाई टैक्स चस्पा करते हुए मोटी वसूली किसानों से होती थी। किसानों ने इसका विरोध किया। वे कोलकाता में आंदोलन कर रहे महात्मा गांधी के पास गए। धमतरी के किसानों के सत्याग्रह आंदोलन में शरीक होने का आमंत्रण दिया। ये सूचना अंग्रेजों को लगी तो आनन फानन में सिंचाई टैक्स का खत्म कर दिया गया, लेकिन गांधी जी धमतरी आए और किसानों को संबोधित भी किया था।
Published on:
28 Sept 2019 11:03 pm
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