
पतझड़ का मौसम आते ही जंगलों में हरियाली कम हो जाती है और वन्यजीवों को भोजन और पानी की तलाश में मानव बस्तियों की ओर बढ़ना पड़ता है।

वन विभाग ने शिकारियों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए ड्रोन कैमरे और ट्रैप कैमरों का संयोजन किया है। साथ ही, क्षेत्रीय सुरक्षा बलों की मदद से जंगलों में गश्त भी बढ़ा दी गई है।

एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ प्रेम कुमार ने बताया कि जंगलों में ट्रैप कैमरे लगाए हैं, जो 24 घंटे वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।

वन विभाग ने शिकारियों पर कड़ी नजर रखने और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष योजना तैयार कर ली है।

इस समय टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्यों में पेट्रोलिंग की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि वन्यजीवों को खतरे से बचाया जा सके।

इन कैमरों से प्राप्त तस्वीरें और वीडियो वन विभाग को यह समझने में मदद करेंगे कि कौन से इलाकों में शिकार की संभावना ज्यादा है और वन्यजीवों के कौन से क्षेत्रों में अधिक गतिविधियां हो रही हैं।

इन कैमरों से शिकारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। ट्रैप कैमरे विशेष रूप से उन इलाकों में लगाए गए हैं।