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World Tourism Day: कुतुब मीनार से भी ऊंचा ‘जैतखाम’

कुतुब मीनार से भी ऊंचा 'जैतखाम'

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raipur

World Tourism Day: कुतुब मीनार से भी ऊंचा 'जैतखाम'

क़ुतुब मीनार से भी ज्यादा ऊंचा है, जैतखाम धाम की ऊंचाई 243 फीट है जो कुतुब मीनार (237.8 फीट)से करीब छः फीट ज्यादा है।

इसका निर्माण आईआईटी रूड़की के वरिष्ठ और अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा बनाए गए नक्शे और डिजाइन के अनुसार किया गया है।

यह भूकम्परोधी और अग्निरोधी है.

2000 लोग एक साथ इस मीनार के अंदर एक समय पर आ सखते है।

सात फ्लोर की है ये ईमारत।

सबसे ऊपर वाले फ्लोर पर एक साथ 200 लोग आराम से आ सखते है।

गिरौदपुरी छत्तीसगढ़ के समाज सुधारक और सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरू घासीदास की जन्म भूमि और तपोभूमि है।

करीब ढाई सौ साल पहले 18 दिसंबर 1756 को गुरु घासीदास का जन्म हुआ था।

छाता पहाड़ जो की गिरौदपुरी छत्तीसगढ़ के पास है वहाँ पर उन्होंने कठिन तपस्या की और अपने आध्यात्मिक ज्ञान से देश दुनिया को सत्य के रस्ते पर चलना सिखाया।

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