
Raisen Increasing encroachment spoils the city's dilemma so much that the beauty of the city is not only bad but also due to unwanted shops and parking due to highways. Yes, the example is the NH-146 Bhopal-Raisen-Sanchi and Sagar-Bhopal State Highway Road, which is better than the city, which looks better in the morning and night.
रायसेन. बढ़ता अतिक्रमण नगर की फिजा इस कदर बिगाड़ देता है कि इससे सिर्फ शहर की खूबसूरती ही खराब नहीं होती, बल्कि बेतरतीब दुकानों व पार्किंग के कारण हाइवे भी सकरे हो जाते हैं। जी हां, इसका उदाहरण है शहर से निकले एनएच-146 भोपाल-रायसेन-सांची एवं सागर-भोपाल स्टेट हाईवे रोड, जो कि सुबह और रात के समय ही बेहतर दिखाई देती है। आलम ये है कि सुबह दस बजे के बाद लगभग 60से 80 फीट चौड़ी ये दोनों सड़कें बमुश्किल 35 फीट की रह जाती है।
वहीं पक्की दुकानों का सामान भी सड़क के समीप तक पहुंच जाता है। रही-सही कसर सड़क से सटकर लगे वाहनों का जमावड़ा पूरी कर देता है। इससे हाईवे काफी अव्यवस्थित हो जाता है। मुख्य बाजार में दुकानों का सामान फुटपाथ से आगे तक जमा रहता है। भोपाल रोड पर चौपड़ा से लेकर कोतवाली-सागर तिराहे तक कई जगह बने वाहनों के गैरेज सड़क पर ही संचालित हो रहे हैं। गैरेज संचालकों द्वारा सड़क के नजदीक वाहनों को लगाकर सुधारा जाता है। इससे हरदम हादसा होने की संभावना बनी रहती है।
नहीं है ठोस प्लान
नगर पालिका, जिला प्रशासन सहित यातायात अमले के पास इन अव्यवस्थाओं से निपटने का कोई ठोस प्लान नहीं है। इस वजह से शहर में हर दिन अव्यवस्थाओं का आलम बना रहता है। नेशनल हाईवे और सागर स्टेट हाईवे मार्ग अतिक्रमण से मुक्त रहे तो यातायात भी सुगम होगा। इस तरह की योजना पर अभी तक कोई काम नहीं हो सका है।
ऐसे में शहर का सुव्यवस्थित रूप से विकास नहीं हो पा रहा है। यदि शहर में अतिक्रमण हटाकर सड़क का चौड़ीकरण और पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया जाए, तो शहर का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन आमजन के बीच यही चर्चा रहती है, कि शहर को संवारने के लिए कौन पहल करेगा।
हालात ठीक नहीं
सागर की तरफ जाने वाले स्टेट हाईवे मार्ग पर पाटनदेव स्वामी विवेकानंद कॉलेज तक की स्थिति भी अतिक्रमण और बेतरतीब वाहनों के कारण ठीक नहीं रहती है। यहां पर सरिया-सीमेंट, हार्डवेयर, फेब्रिकेशन सहित अन्य दुकानदारों द्वारा अपनी दुकान का सामान सड़क तक लगाकर रखा जाता है। इससे सड़क पर स्पेस कम हो जाता है और आवाजाही में भारी दिक्कत होती है।
हर दम खतरा
भोपाल रोड पर चौपड़ा के समीप सड़क किनारे सुधरते हुए वाहनों के कारण उनके कलपुर्जों एवं सागर रोड पर सड़क किनारे रखे सरिए से लोगों को बड़ी सावधानी से निकलना पड़ता है। यदि राहगीरों द्वारा निकलते समय जरा भी ध्यान नहीं दिया, तो दुर्घटना हो सकती है। यहां दुकानों के सामने दिन के समय में ही सरिए से भरे वाहनों की अनलोडिंग की जाती है। वाहन सड़क तक खड़े रहते हैं और यातायात रुक जाता है। महामाया चौक के समीप संचालित सरिया-सीमेंट की दुकानों पर भी इसी तरह के हालात बनते हैं।
हां, इस तरह की समस्या तो शहर में है। सड़क किनारे दुकानें नहीं लगाई जाना चाहिए। इसे सुधारने के लिए नगर पालिका सीएमओ और एसडीएम को निर्देशित किया जाएगा।
एस प्रिया मिश्रा, कलेक्टर।
Published on:
18 Oct 2018 02:04 am
बड़ी खबरें
View Allरायसेन
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
