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स्कूल की छुट्टी होते ही सड़क पर लग जाता जाम

सांची रोड पर फोरलेन सड़क के दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही।यहां हर दिन एक घंटा रहता है खतरों से भरा।कॉन्वेंट स्कूल के सामने लगती है भीड़, नहीं है पार्किंग की व्यवस्था।सड़क ठेकेदार ने भी नाली रोड के समीप बना दी, नहीं बची पार्किंग की जगह।
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रायसेन

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Rajesh Yadav

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Updated: 14 Sep 2022, 9:39 PM IST

स्कूल की छुट्टी होते ही सड़क पर लग जाता जाम

स्कूल की छुट्टी होते ही सड़क पर लग जाता जाम


रायसेन. शहर में सांची रोड पर संचालित कान्वेंट स्कूल के सामने दोपहर करीब एक बजे से लेकर दो बजे तक पूरी सड़क दो पहिया, चार पहिया वाहनों से भरी नजर आती है। क्योंकि इस समय स्कूल से बच्चों की छुट्टी होती और उनके अभिभावक सहित सवारी आटो, मैजिक वाहन बच्चों को लेने आते हैं। यहां बनी फोरलेन सड़क के दोनों तरफ छोटे-बड़े वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े नजर हो जाते, फिर लोगों को पैदल निकलना भी मुश्किल होने लगता। यह हालात हर दिन बन रहे और व्यवस्था सुधारने की पहल जिम्मेदारों ने नहीं की। हर दिन दोपहर में बच्चों की छुट्टी होने के दौरान एक घंटा खतरों से भरा रहता है। जबकि पांच पूर्व स्कूल के सामने छुट्टी होने के समय एक पिता-पुत्री टेंकर की टक्कर से जान गंवा चुके हैं।
स्कूल के अंदर नहीं है पार्किगं
स्कूल परिसर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से वाहन सड़क पर ही खड़े करना पालकों की मजबूरी है। स्कूल प्रबंधन मोटी फीस लेने के बाद भी बच्चों और उनके पालकों के वाहनो को खड़ा करने के लिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं कर रहा है। इस मार्ग का चौड़ीकरण होने के बाद भी सड़क कम पड़ती है। बीच में डिवाइडर बनने से वाहनों का आवागमन वन वे हो गया है। ऐसे में दोनों ओर वाहन खड़े होने से सड़क से गुजरने वाले वाहनों को जगह नहीं बचती और र्दुघटना होने की संभावना बनी रहती है। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इस व्यवस्था में सुधार करना मुनासिब नहीं समझा।
यहीं से निकलते पुलिस अफसर
वहीं इस तरह के हालात हर दिन पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अफसर भी देखते और वाहन इसी मार्ग से लेकर निकल जाते हैं। लेकिन व्यवस्था में सुधार करने की पहल किसी भी जिम्मेदार अफसर ने नहीं की। जिला पुलिस-प्रशासन के अफसर स्कूल प्रबंधन को पार्किंग की व्यवस्था करवाने के निर्देश देने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाते, यह स्थिति सालों से है। लेकिन न तो पालक आवाज उठाते हैं और न ही अधिकारी ध्यान दे रहे हैं। यही हाल रहा तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
हादसे में गई थी पिता-पुत्री की जान
लगभग पांच वर्ष पहले कान्वेंट स्कूल के सामने बेतरतीव यातायात व्यवस्था के चलते छुट्टी के समय बाइक से अपनी बेटी को स्कूल लेने पहुंचे एक पिता और पुत्री की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उस समय एक बड़े वाहन ने बाइक सवार पुत्री को टक्कर मारी थी, जिससे पिता-पुत्री ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद पुलिस अफसरों ने थोड़ी सी मानवीयता दिखाते हुए छुट्टी के समय वहां पर टै्रफिक पुलिस की तैनाती की थी। कुछ समय तक तो यह व्यवस्था लागू रही, मगर फिर वही हालात नजर आने लगे। पुलिस अधिकारियों ने इस हादसे से सबक नहीं लिया और लोगों को टै्रफिक नियमों का उल्लंघन करने की खुली छूट दे दी।
सड़क के नजदीक बना दी नाली
फिलहाल इस मार्ग पर फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसमें लोक निर्माण विभाग ने सात मीटर के दोनों तरफ डामरीकृत रोड और बीच में डिवाइडर बनवाए हैं। साथ ही सड़क के दोनों तरफ नाली का निर्माण भी कराया है। लेकिन नाली का निर्माण कहीं पर सड़क से डेढ़ से दो मीटर की दूरी पर हुआ तो कहीं पर एकदम सड़क के नजदीक एक मीटर से भी कम दूरी पर कर दिया। कान्वेंट स्कूल के सामने भी स्कूल प्रबंधन की सुविधा के लिए सड़क ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने रोड के नजदीक एक मीटर के बाद नाली बनवा दी। कम जगह होने के कारण सड़क किनारे दो पहिया, चार पहिया वाहन खड़े नहीं हो पा रहे। यदि सड़क और नाली के बीच की दूरी अधिक होती तो किनारे पर चार पहिया वाहन की पार्किंग भी हो सकती थी।
आधी सड़क पर वाहन
अपने बच्चों को पहले घर ले जाने की जल्दबाजी में कई पालक आडे-तिरछे वाहन खड़े कर देते और फिर सड़क तक वाहन पहुंच जाते हैं। इस दौरान आधी सड़क दो पहिया, चार पहिया वाहनों से भरी नजर आती है। जिस कारण दूसरे वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही और कई लोगों को पैदल निकलने में कठिनाई होती है।