
MP News : मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक बच्चे शराब बनाने की फैक्ट्री में छुड़ाया है। सोम डिस्टलिरी नामक शराब फैक्ट्री में बच्चों से काम कराया जा रहा था। फैक्ट्री में नाबालिग लड़के-लड़कियों से काम कराया जाता है। इन्हें स्कूल बस के जरिए फैक्ट्री में लाया जाता था। बच्चों से कम पैसों में 15-15 घंटे मजदूरी कराई जाती थी। हालांकि, इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
फैक्ट्री में बच्चों से काम कराया जा रहा था वहां की हालत काफी खराब थी। शराब में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स के संपर्क में आने से कई बच्चों के हाथ की चमड़ी भी जल गई थी। इस मामले को लेकर फैक्ट्री के मालिक पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसके साथ ही बाल आयोग के निर्देश पर आबकारी विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को नोटिस जारी किया जा रहा है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो का कहना है कि बचपन बचाओ से शिकायत मिली थी कि रायसेन जिले के सेहतगंज में स्थित सोम डिस्टिलरीज नामक शराब फैक्ट्री में बच्चों से काम करवाया जा रहा है। जहां पर निरीक्षण किया तो वह 50 से ज्यादा बच्चे शराब बनाने का काम करते नजर आए। बच्चों को रेस्कयू किया गया। बच्चों को स्कूल बस में भरकर ताया जाता था और 15-15 घंटे काम कराया जाता था।
Updated on:
15 Jun 2024 07:27 pm
Published on:
15 Jun 2024 07:26 pm
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