
साक्षरता के मापदंड बदले तो पूर्ण साक्षर जिले में मिले हजारों निरक्षर
रायसेन. विकासखंड उदयपुरा के ग्राम झमझरी में पिढऩा लिखना सीख रहे बुजुर्ग। (28-04)
प्रवीण श्रीवास्तव, रायसेन. लगभग 37 साल पहले चले साक्षरता मिशन में वर्ष 1096-97 में जिले को पूर्ण साक्षर घोषित किया गया था। जब साक्षरता के जो मापदंड शासल ने तय किए थे, उनके अनुसार निरक्षरों को अभियान चलाकर साक्षर बनाया गया था, लेकिन फरवरी 2022 में केंद्र सरकार ने नया साक्षरता अभियान नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के रूप में शुरू किया, लेकिन इसमें साक्षरता के मापदंड बदले तो जिले में हजारों असाक्षर सामने आ गए। अब इन असाक्षरों को फिर साक्षर बनाकर बाकायदा परीक्षा लेने की योजना है। इन दोनो साक्षरता अभियानों में साक्षरता के मापदंड बदलने से पहले साक्षर घोषित लोग भी निरक्षरों की श्रेणी में आ गए हैं। अब सरकार ने नव भारत साक्षरता अभियान से वर्ष 2028 तक संपूर्ण देश को सौ फीसदी साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा है।
दरअसल साक्षरता मिशन में साक्षरता के मापदंड में व्यक्ति द्वारा केवल हस्ताक्षर कर लेना ही उसके साक्षर होने का प्रमाण था, लेकिन अब उसे अपनी मातृ भाषा में पढऩा और लिखना आना जरूरी है। हालांकि वास्तविक साक्षरता यही है, जो पुराने अभियान की औचराकिता की कलई खोल रही है। नए अभियान में 15 साल से अधिक आयु वर्ग के बीच सर्वे किया जा रहा है।
52 हजार से अधिक असाक्षर मिले
लगभग एक साल से चल रहे अभियान में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर असाक्षरों का सर्वे कराया गया है। जिसमें अभी तक जिले में 52 हजार से अधिक असाक्षर मिले हैं। इनमें 22 हजार से अधिक असाक्षर बेगमगंज विकासखंड में मिले हैं, जो जिले में सबसे अधिक हैं। जबकि लगभग 6000 असाक्षर बाड़ी विकासखंड में मिले हैं। जो सबसे कम हैं। असाक्षरों का सर्वे और पोर्टल पर एंट्री का काम अभी भी जारी है।
19 मार्च को होगी परीक्षा
कार्यक्रम के जिला सह समन्वयक डॉ. एम आलम ने बताया कि नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत असाक्षरों को पढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। यह काम निशुल्क सेवा दे रहे गांव या नगर के ही अक्षर साथी कर रहे हैं। 19 मार्च को इनकी परीक्षा होगी। जिसमें पढऩा, लिखना के अलावा जोड़, घटाना, गुणा, भाग भी पूछा जाएगा। इस परीक्षा में पास होने वालों को प्रमाण दिए जाएंग। यहां खास बात यह भी है कि प्राप्त अंकों की ग्रेडिंग के अनुसार उन्हे पांचवीं या आठवीं परीक्षा में सीधे शामिल होने का अवसर भी दिया जाएगा। युवाओं के लिए यह अच्छा अवसर होगा। डॉ. एम आलम ने बताया कि नव भारत साक्षरता में रायसेन जिला असाक्षरों के पंजीयन में प्रदेश में दूसरे नंबर पर चल रहा है। पहले नंबर पर जबलपुर जिला है।
यहां इतने असाक्षर देंगे परीक्षा
विकासखंड असाक्षर परीक्षार्थी
बाड़ी 1107
बेगमगंज 2884
गैरतगंज 2326
औगंज 2407
सांची 1402
सिलवानी 1620
उदयपुरा 1446
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Published on:
27 Feb 2023 11:09 pm

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