
Begumganj Farmers are not ready to leave the land of their forefathers for the construction of Bina Dam Multipurpose Project. On the other hand, the Water Resources Department is constantly in the process of construction. Whenever the process related to its construction goes ahead, the heartbeat of the farmers and concerned starts increasing. Once again, the work of developing a rehabilitation colony new Daudpur for the displacement and rehabilitation of families coming to Madhiya and Chakarpur
बेगमगंज. बीना बांध बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण को लेकर किसान अपने पुरखों की जमीन छोडऩे के लिए तैयार नही हैं। वहीं दूसरी और जल संसाधन विभाग निरन्तर निर्माण की कार्रवाई की ओर अग्रसर है। जब भी इसके निर्माण संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ती है, किसानों व संबंधितों के दिल की धड़कन बढऩे लगती है। एक बार फि र बीना बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना को लेकर मढिय़ा व चकरपुर बांध के ढूब में आने वाले परिवारों के विस्थापन एवं पुनर्वास के लिए पुनर्वास कॉलोनी नया दाउदपुर विकसित करने का कार्य शुरू हो रहा है।
विस्तृत स्कोप आफ वर्क के अनुसार 775.54 लाख से किए जाने का टेंडर जारी होते ही क्षेत्र के डूब प्रभावित क्षेत्रों में हलचल मच गई है।
हालांकि जल संसाधन विभाग डूब क्षेत्र में मढिय़ा बांध के तहत रायसेन जिले के मात्र तीन गांव ही पूरी तरह डूब में बता रहा है। वहीं दूसरी ओर जो जानकारी उन्होंने राजस्व विभाग से मांगी है। उसमें 39 बेगमगंज व एक गांव गैरतगंज का शामिल कर नवीन खसरों की कॉपी चाही गई है, जिसमें बताया गया है कि उक्त 40 गांव की जमीन भू-अर्जन अंतर्गत धारा 11 अपेक्षित है।
प्रभावित गांव
तीन डूबने वाले गांवों में चांदमाऊ, खिरिया पाराशर व ककरूआ बरामद गढ़ी शामिल है। जबकि आंशिक प्रभावितों में सोठिया, माला, मढिय़ा हसन खां, खेजड़ा, मढिय़ा सेतु, बर्री खुर्द, बर्री कला, देवलापुर, पंचीपुरा, कसवा चौका, मानपुर, विनायकपुर, मूड़ला चावल, कोलूआ, सेमरा, ढिमरोली, सुनेहरा, पलोहा, भुरेरू, बेरखेड़ी बरामद गढ़ी, छोला वीरान, शाहपुर हदाईपुर, परासरी, सुमेर, झिरिया बरामद गढ़ी, गोपालपुर चुरक्का, पिपलिया भाट, पीर पहाड़ी, खिरिया नारायण दास, कल्याणपुर, चैनपुरा बरामद गढ़ी, मढिय़ा निवारी, गढ़ोईपुर, हप्सिली, बेगमगंज, चंदोरिया व गैरतगंज तहसील का हरदौट को शामिल किया गया है।
प्रभावित कहते हैं
माधोसिंह लोधी, कुबेर सिंह कुर्मी, प्रताप सिंह जाट, ककरूआ के इस्माईल खान, नसीम खान, आरिफ अली, दशरथ सिंह, मुन्नाअली दाना, ओंमकार सिंह, रामकृष्ण, राकेश लोधी, महेन्द्र आठया, जगदीश यादव, लक्ष्मण अहिरवार, अमजद हसन, नर्बदा प्रसाद, राजेश यादव, मौजीलाल, धर्मेन्द्र चौबे, बालकिशन यादव, नेतराम गुर्जर, भगवान सिंह, अमित यादव, युनुस अली, संजीव कुमार सहित अन्य का कहना है कि जल संसाधन विभाग तीन ग्रामों की भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के उपरांत जो गायब हुआ, तो वापस नहीं लौटा है।
इससे हम प्रभावितों को डूब क्षेत्र व मुआवजे की सही जानकारी नहीं दी जा रही और ना ही स्थिति स्पष्ट की जा रही है। ताकि हम आगे की कार्रवाई कर सकें। जल संसाधन विभाग का जो भी नया अधिकारी आता है वह एक नई बात बताता है। पहले बेगमगंज में कॉलोनी बनाना प्रस्तावित था अब दाउदपुरा में बनाने के टेंडर जारी होने से नगरीय क्षेत्र के प्रभावित होने की आंशका होने लगी है। विभाग को स्थिती स्पष्ट करना चाहिए।
अभी अभी हमें चार्ज मिला है दाउदपुरा में जो कॉलोनी बनाई जा रही है। वह राहतगढ़ तहसील के डूब प्रभावितों के लिए होगी। मढिय़ा बांध के ढूब प्रभावितों को अलग से कालोनी बनना है।
-आलोक कुमार खरे, परियोजना प्रशासक एवं सहायक अभियंता, बीना बांध परियोजना राहतगढ़।
Published on:
19 Sept 2019 02:04 am
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