पूरी लगन से प्राप्त करें उन्नत और नवीन कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण।उद्यानिकी खेती की नवीन एवं उन्नत तकनीक सीखने किसानों का दल राजस्थान रवाना।
रायसेन. राज्य योजना के अंतर्गत उद्यानिकी प्रक्षेत्रों एवं उन्न्तशील किसानों द्वारा अपनाई जा रही उन्नत तकनीकों के अवलोकन के लिए जिले के 13 किसानों का दल 23 मार्च से 27 मार्च तक पांच दिवसीय प्रशिक्षण सह भ्रमण करने राजस्थान राज्य के लिए रवाना हुआ। कलेक्टर अरविन्द कुमार दुबे ने दल के रवाना होने के पूर्व कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उन्नत खेती के प्रशिक्षण और क्षेत्र भ्रमण के लिए उत्साहित किसानों को बधाई दी। साथ ही उद्यानिकी खेती की उन्नत और आधुनिक तकनीकियों का पूरी लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने एवं अवलोकन करने के लिए कहा। इस अवसर पर कलेक्टर दुबे ने किसानों से कहा कि आय में बढ़ोतरी के लिए कम लागत में अधिक मुनाफे वाली उद्यानिकी फसलों को अपनाना होगा।
उद्यानिकी क्षेत्र भ्रमण एवं प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य उद्यानिकी फ सलों सहित आधुनिक खेती के प्रति रुझान और आधुनिक यंत्रीकरण को बढ़ावा देना है। जिससे किसान कम क्षेत्र में फसल का अधिकतम उत्पादन प्राप्त कर सके। उन्होंने किसानों से कहा कि उद्यानिकी फसलों की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर वे स्वयं तो लाभान्वित होंगे। साथ ही गांव के अन्य किसानों को भी उद्यानिकी खेती के लिए प्रोत्साहित करें।
सहायक संचालक उद्यानिकी एनएस तोमर ने बताया कि किसानों को राजस्थान राज्य के चित्तौडग़ढ़ में कृषि विज्ञान केन्द्र पर सब्जी, मसाला और औषधीय फ सलों की उन्न्तशील खेती क्षेत्र भ्रमण, संरक्षित खेती अंतर्गत प्लास्टिक मल्चिंग, सूक्ष्म सिंचाई पद्धति, ड्रिप-स्प्रिंकलर और खाद्य प्रसंस्करण संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कृषि महाविद्यालय उदयपुर में पॉलीहाउस, नेटहाउस में फूलों की खेती का भ्रमण, अवलोकन और उद्यानिकी खेती पर किसानों को प्रशिक्षित किया जाना है। एआईसीआरपी में आम, अमरुद, अंगूर आदि फलोद्यानों का भ्रमण सह प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी प्रकार कृषि विज्ञान केन्द्र राजसमुंद में जैविक खेती प्रक्षेत्र भ्रमण और उद्यानिकी फ सलों फल, सब्जी, मसाला एवं फू लों की भण्डारण तकनीकी पर प्रशिक्षण, उत्पादित फ सलों से लाभ एवं रोग व्याधियों से बचाव के उपाय की जानकारी दी जाएगी।