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मोदी सरकार की नौकरीपेशा महिलाओं के लिए खास योजना! कैसे और किसे होगा कितना फायदा

18 लाख महिलाओं को मिलेगा फ़ायदा : Modi sarkaar yojna benefits

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मोदी सरकार की नौकरीपेशा महिलाओं के लिए खास योजना, कैसे और किसे होगा कितना फायदा

रायसेन। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में हजारों लाखों की संख्या में महिलाएं कार्यालयों में काम करती हैं। ऐसे में महिलाओं की समस्याओ को देखते हुए मोदी सरकार इन कामकाजी महिलाओं ( Working women ) के लिए 1 और बेहतरीन योजना ला रही है। इसके तहत उनकी मैटेरनिटी लीव को मोदी सरकार रीइम्‍बर्स (Reimburse) करेगी।

इसके पीछे का कारण सरकार की मंशा वर्किंग वुमेन के लिए मैटेरनिटी लीव कल्‍चर को बढ़ावा देना बताया जाता है। माना जा रहा है कि इससे संगठित क्षेत्रों में काम करने वाली करीब 18 लाख महिलाओं को फ़ायदा मिलेगा।

पहले मैटेरनिटी लीव की अवधि 12 सप्ताह होती थी। वहीं मातृत्व लाभ संशोधन अधिनियम 2017 के तहत महिला कर्मचारियों के लिए मैटरनिटी लीव की अवधी 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह की गई।


मैटेरनिटी लीव देने वाली कंपनियां लाभान्वित :
केंद्रीय श्रम ( Labour ) राज्‍य मंत्री संतोष गंगवार के अनुसार सरकार एक ऐसी प्रोत्‍साहन ( incentive ) योजना पर काम कर रही है, जिस के आने पर महिला कर्मचारियों को 26 हफ्ते की मैटेरनिटी लीव देने वाली कंपनियां लाभान्वित होंगी। गंगवार की मानें तो सरकार इस योजना पर जल्‍द अमल कर सकती है।

मैटेरनिटी लीव का रीइम्‍बर्स...

श्रम राज्‍य मंत्री ने राज्‍यसभा में बताया कि सरकार उन कंपनियों को 7 हफ्ते की मैटेरनिटी लीव का रीइम्‍बर्समेंट ( Reimbursement ) करेगी जो अपनी महिला कर्मचारियों को 26 हफ्ते की मैटेरनिटी लीव का बेनिफिट दे रही हैं।

लाभ पाने के लिए ये जरूरी है:

1. एक साल पुराना PF खाता...

इस पूरी योजना के लाभ के मामले में 1 शर्त, यह है कि इस रीइम्‍बर्समेंट की हकदार वे ही कंपनियां होंगी, जो महिला कर्मचारियों का PF काटती हों। यानि मैटेरनिटी लीव का लाभ लेने वाली महिला कर्मचारियों का EPFO में खाता 1 साल से पुराना होना चाहिए।

2. सैलरी 15 हजार रुपए प्रति माह से अधिक नहीं...

इसके अलावा इन महिला कर्मचारियों की सैलरी 15 हजार रुपए प्रति माह से अधिक नहीं होनी चाहिए। और न ही वे ESIC के दायरे में आती हों। गंगवार ने कहा कि इस योजना का EPFO ही अमलीजामा पहनाएगा। फिलहाल इस योजना को वित्‍त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है।

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