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इस बस स्टैड शुद्ध पानी को तरसते हैं यात्री!

अव्यवस्था का शिकार-बस स्टैंड परिसर में लंबी रूट की बसें आना बंद...

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इस बस स्टैड शुद्ध पानी को तरसते हैं यात्री!

रायसेन। शहर का बरसों पुराने बस स्टैड पर यात्री सुविधाओं की कमी हरदम बनीं रहती है। तत्कालीन प्रभारी मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा ,नपाध्यक्ष जमुनासेन की पहल पर यहां लंबी रूटों की बसें जैसे रीवा, पन्ना, सतना, प्रयागराज, छतरपुर, भोपाल आदि के बीच में दिन रात दौड़ रही बसों को यहां के नवीन बस स्टैंड पर 5 से 7 मिनट के लिए स्टापेज शुरू किया गया ।लेकिन कुछ महीने बाद ही यहां लंबी रूट की बसों का एक बार फिर से स्टापेज बंद हो गया है।


इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर यात्री...
इस अव्यवस्था से व्यापारियों का जहां फिर से कारोबार चौपट होने लगा है। वहीं मुसाफिरों को परिवार सहित यात्रा के दौरान बसों में सवार होने के लिए इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

इस गड़बड़ी पर रोक लगाने के लिए बस स्टैंड के दुकानदारों,आमजनों ने भोपाल रोड स्थित नवीन बस स्टैंड पर दोबारा से लंबी रूट की बसों के स्टोपज कराए जाने की बात कही है। इन लोगों ने कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा, एसपी जेएस राजपूत सहित जिला परिवहन अधिकारी रीतेश कुमार तिवारी,नपाध्यक्ष जमुनासेन से इस मांग को जल्द पूर्ण कराने का अनुरोध किया है।


सुविधाओं की कमी...
बस स्टैंड पर बस के नही रूकने से सुविधाओं का अभाव है। इस अव्यवस्था की वजह से हर दिन बस ऑपरेटर सवारियों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। वे बरसात में जहां कीचड़ से जूझते रहे।वहीं अब अंधेरा, सुरक्षा सता रही है। यात्रियों को बैठने के लिए प्रतिक्षालय तो है लेकिन यहां पुलिस सुरक्षा नही है। नवीन बस स्टैंड प्रांगण में यात्रियों, बस मालिकों से लेकर चालक व कर्मचारियों एवं पीने के लिए शुद्ध पानी भी नसीब नहीं है।

दोबारा उठी बस स्टैंंड पर बसों के स्टापेज की मांग...
शहर में बढ़ते ट्रैफिक को बहाल करने एवं यात्री बसों का एक निश्चित स्थान से संचालन करने के लिए करीब 4 से 5 पहले चालू हुए नए बस स्टैंड पर यात्री की सुविधाओं के लिए बस स्टैंड पर लंबी रूट की बसों के स्टापेज की मांग दोबारा से पूर्ण होना चाहिए।

हालांकि यहां पानी की टंकी तो नगरपालिका प्रतिदिन लबालब पानी से भरती है लेकिन आसपास के दुकानदार उसे दोपहर तक खाली कर देते हैं। जिससे यात्रियों के कंठ दिनभर सूखे ही रहते हैं। मजबूरी में होटलों से मुसाफिर पानी की बॉटल खरीदकर प्यास बुझाने के लिए मजबूर रहते हैं।

चारों तरफ बस स्टैंड परिसर में फैली गंदगी भी नगर पालिका की व्यवस्थाओं की हकीकत बयां कर रही है। नवीन बस स्टैंड पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम भी नहीं है।कमोवेश यही हालात भवानी चौराहे के महामाया चौक के अस्थायी बस स्टैंड, पाटनदेव के यात्री प्रतीक्षालय के बने हुए हैं।


तत्कालीन जिले के प्रभारी मंत्री आरिफ अकील द्वारा कई साल पहले नवीन बस स्टैंड को शिफ्ट तो करवा दिया था। लेकिन सालों गुजर जाने के बाद अधूरे पड़े बस स्टैंड को शहर वासियों की मांग पर नगर पालिका अधिकारियों ,परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने जैसे-तैसे कर जून माह में चालू तो करा दिया। मगर वे यात्रियों को सुविधाएं देना भूल गए।