बारिश के पहले दौर में ही सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं
रायसेन. शहर के विकास के लिए जब भी कोई निर्माण कार्य किया जाता है, चाहे भवन हो या रोड उसमें गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है। साथ ही कार्यशैली पर अधिकारियों की मॉनिटरिंग भी जरूरी होती है। मगर जब भी इन दोनों बातों का ध्यान नहीं रखा जाता है तो नतीजा घटिया निर्माण के रूप में सामने आता है। जी हां, शहर की कॉलोनियों सहित गली मोहल्लों की सीसी और डामर की पक्की सड़कों के निर्माण में नगरपालिका द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन जब बारिश शुरू हुई तो स्थिति पहले से भी बदतर हो गई।
बारिश के पहले दौर में ही सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं। शहर के मुखर्जी नगर, श्रीजी सिटी, यशवंत नगर, शिवोम नगर, अशोक नगर, पटेल नगर, अर्जुन नगर, कलेक्ट्रेट कॉलोनी, शरीफ नगर, हाउसिंग कॉलोनी आदि क्षेत्रों मेें आम रास्तों से लेकर बाजार तक और चौक चौराहों वाले रास्ते पर कीचड़ दलदल सहित साइडों व फुटपाथ धंस चुके हैं। शहर की उक्त अंदरूनी सड़कों पर कई क्षेत्र ऐसे बन चुके हैं कि रात के समय दोपहिया वाहन से चलते वक्त जरा सी चूक हुई तो दुर्घटना तय है।
यह वे रास्ते हैं जहां से होकर न केवल शहरवासी, स्कूल कॉलेजों के छात्र छात्राएं गुजरते हैं, अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि भी गुजरते हैं। जिन्हें इन सड़कों का बेहतर रख रखाव करना है।
शहर के वार्ड ११ के इस क्षेत्र में जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। थोड़ी सी बारिश में ही सड़क पर पानी भर गया है। लोगों को राह बदलकर आना-जाना करना पड़ा रहा है। स्कूल के छोटे बच्चों को तो गोद में लेकर सड़क तक पहुंचना पड़ता है।
नीरज श्रीवास्तव, रिचा, विपिन कुमार, रेशमा खान, सोनम नेगी आदि ने बताया कि यहां के रहवासी नगरपालिका में संपत्तिकर समेत अन्य कर जमा कर रहे हैं तो फिर सड़क सुविधा से हमें वंचित क्यों रखा जा रहा है। चौमासे भर हमें आज भी तेजी से बदलते इस जमाने में नारकीय जीवन जीने के लिए विवश होना पड़ रहा है। आदर्श श्रीवास्तव के मकान की गली में घुटनों पानी भर गया है।
नाली सहित धंसी सड़क
मुखर्जी नगर से होकर ब्राइट कैरियर हासे स्कूल की गली से श्रीजी कॉलोनी की यह सड़क नगरपालिका परिषद द्वारा छह माह पहले ही बनवाई गई थी। यह डामर की सड़क पूरी तरह धंस गई है। भारी वाहनों के निकलने से धंसी सड़क ने नाली को भी गिरा दिया है। इस सड़क पर अब दुपहिया वाहन काचला भी मुश्किल हो गया है। मकानों, चौक चौराहों के मोड़ से होकर दो पहिया तीन पहिया वाहन चालक जब इस डामर की सड़क से गुजरते हैं, तो वह हिचकोले खाते हुए बमुश्किल चल पाते हैं।
रात के समय तो इस सड़क से वाहन चलाना किसी खतरे से खाली नहीं हो सकता। कॉलोनी के रहवासी महेश राठौर, सुरेंद्र तिवारी, प्रवीण दुबे, गृहणी रुकमणि देवी, रेखा पटेल, माया देवी पटेल, गब्बर दुबे, सुरेश कुमार मीणा आदि का कहना है कि रात के समय श्रीजी सिटी सड़क से वाहन चालकों को आवागमन में किसी खतरे से कम नहीं है।
शहर में कुछ जगह सड़कें खराब हुई हैं। बारिश थमते ही उनकी मरम्मत कराई जाएगी। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। जहां भी ऐसी समस्या है उसे हल किया जाएगा।
- जमना सेन, अध्यक्ष नगर पालिका