रामलीला में श्रीराम को राजतिलक, आयोजनों में शामिल हुए श्रद्धालु, राम, कृष्ण के जयकारों से गूंजा नगर।
रायसेन. रविवार को भगवान राम के राजतिलक के साथ लगभग 20 दिन चली रामलीला का मंचन समाप्त हुआ। इसके अलावा शगुन गार्डन में चल रही भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण के विवाह की कथा सुनाई गई। जिसमें श्रीकृष्ण की बारात निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाराती के रूप में सज धज कर शामिल हुए।
शनिवार को रावण दहन की लीला महोत्सव का आखिरी मंचन था। रविवार को भगवान की शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्ग से निकाली गई। परंपरा के अनुसार चतुर्वेदी परिवार और रामलीला मेला समिति के कार्यकारी अध्यक्ष ब्रजेश चतुर्वेदी के निवास पर भगवान का स्वागत किया गया। इसके बाद मंच पर भगवान का राजतिलक किया गया।
भागवत कथा में रविवार को श्री कृष्ण-रुकमणि के विवाह की कथा का सुंदर वर्णन कथा वाचक रामललाचार्य महाराज ने किया। इससे पहले कथा के आयोजक एसी अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल के निवास से श्रीकृष्ण की बारात निकाली गई। जो प्रमुख मार्ग से होते हुए कथा स्थल पहुंची। बारात का जगह-जगह फूलों की बरसा कर स्वागत किया गया। बारातियों को जल पान कराया गया। कथा स्थल पर भगवान के विवाह में श्रद्धालु जमकर नाचे।
बारात में महिलाओं ने भी उत्साह के साथ भाग लिया एवं भजनों पर नाचते झूमते हुए बारात का आनंद लिया। जैसे ही बारात श्रीमद्भागवत कथा स्थल शगुन गार्डन पहुंची वहां जोरदार आतिशबाजी और फूलों की बरसात के साथ भगवान श्री कृष्ण का स्वागत किया गया। इसके बाद विवाह की रस्म की गईं। इससे पूर्व महाराज ने भगवान कृष्ण और रुकमणी जी के प्रसंग पर विस्तार से कथा सुनाई। बारात में डॉक्टर एसी अग्रवाल, चंद्र मोहन गोयल, दिनेश अग्रवाल, भरत सिंह राजपूत, संतोष शर्मा, मनमोहन अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, धर्मेंद्र कुशवाह, महेश मेहरा आदि शामिल थे।