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इनका विवाह होते ही शुरू हो गई बारिश

मेंढक-मेंढकी का किया विवाह, आज भी जारी है वर्षों पुरानी मोगिया आदिवासी समाज की परंपरा।

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इनका विवाह होते ही शुरू हो गई बारिश

इनका विवाह होते ही शुरू हो गई बारिश

रायसेन. बारिश नहीं होने पर मोगिया आदिवासी समाज मेंढक-मेंढकी का विवाह कराते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस विवाह के बाद अच्छी बारिश होती है। रविवार को शहर के वार्ड 18 में ऐसे ही अनोखे विवाह का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में समाज के युवा और बुजुर्ग एकत्र हुए और मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया। कुछ ही देर में बारिश भी शुरू हो गई। इस तरह मोंगिया समाज की यह परंपरा और मजबूत हुई। मेंढक-मेंढकी का विवाह बारिश के लिए एक टोटका माना जाता है।
समाज के लोग नीम की डालियों पर मेंढक मेंढकी को बैठाया जाता है और घर घर जाकर आटा, दाल, नमक, मिर्ची, हल्दी, धनिया मांगते हैं। इसके बाद कुल देवी मंदिर पर जाकर पूजा पाठ करते हंै। दाल बाटी बनाकर समाज का भंडारा किया जाता है।
विवाह के बाद मेंढक-मेंढकी को बनछोड़ के तालाब में विश्राम के लिए छोड़ दिया जाता है। इस मौके पर लल्लू सिंह पवार, भीम सिंह पवार, विजय सिंह पवार, कमलेश चौहान, रामकिशन पवार, शैतान सिंह पंवार, देवी सिंह पटेल, मोतीलाल चंदेल आदि मौजूद थे।
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