दो साल पहले दिखाई थी छुरी, इस रंजिश में कर दी नाबालिग की हत्यापहले से खोदकर रखे गड्ढे में कर दिया था दफन।
रायसेन/सिलवानी. दो साल पहले दुकान पर काम करने वाले नाबालिग ने अजीम खान को किसी बात पर छुरी दिखाई थी। उसके बाद वह काम छोड़ गया, लेकिन अजीम के दिल में यह बात घर कर गई और उसने नाबालिग जुबेर शाह को खत्म करने की ठान ली। तब से ही वह उसे मारने की फिराक में था। रविवार को उसने जुबेर की हत्या करने की योजना बनाई और शाम चार बजे अपनी जमीन पर एक गहरा कब्र की तरह गड्ढा खुदवाया। इसके बाद योजना के अनुसार जुबेर की हत्या कर उस गड्ढे में दफन कर दिया। हालांकि कुछ ही घंटों में उसका यह राज फाश हो गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
यह घटनाक्रम जिले के सिलवानी नगर का है, जहां रविवार को नाबालिग 16 वर्षीय जुबेर पुत्र शफीक शाह की हत्या से सनसनी फैल गई थी। एएसपी अमृत मीणा ने बताया कि दो साल पुरानी रंजिश का बदला लेने अजीम ने योजनाबद्ध ढंग से घटना का अंजाम दिया। उसकी बताशा की दुकान से काम छोडऩे के बाद जुबेर शोएब की दुकान पर काम करने लगा था। अजीम को शोएब से 15 हजार रुपए लेना था। इसका फायदा उठाते हुए उसने रविवार को पहले अपनी दुकान के पीछे जमीन पर एक कब्र नुमा गड्ढा किसी मजदूर से खुदवाया, फिर शोएब से फोन कर जुबेर के हाथ 15 हजार रुपए भेजने के लिए कहा। शाम लगभग साढ़े सात बजे जुबेर रुपए लेकर अजीम के पास पहुंचा। इसी मौके की तलाश में बैठे अजीम ने ईंट से जुबेर के सिर पर वार किया, जिससे वह गिर गया, फिर उसका गला दबाकर हत्या कर गड्ढे में गाड़ दिया। इसके बाद घबराया हुआ अपने घर पहुंचा, उसने अपनी पत्नी को अपनी करतूत बताई। इस दौरान शोएब ने फोन कर जुबेर के बारे में उससे पूछा तो उसने बोल दिया कि अभी तक नहीं आया। इधर जुबेर भी फोन नहीं उठा रहा था, वह घर भी नहीं पहुंचा था। जिससे शोएब को शक हुआ, उसने जुबेर के परिजनो को बुलाया और अजीम के घर पहुंचे, तब तक कई लोग एकत्र हो गए थे। लोगों ने अजीम के घर को घेरा और पुलिस को सूचना दी। अपने को घिरा पाकर अजीम पिछले दरवाजे से भाग गया। हालांकि कुछ ही देर बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, पूछताछ में उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। अजीम ने जुबेर की जेब से उसका मोबाइल और शोएब द्वारा भेजे गए 15 हजार रुपए निकाल लिए थे, वह भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। जुबेर के शव का पीएम कराने के बाद परिजनो के सुपुर्द कर दिया। प्रकरण का खुलासा करने में थाना प्रभारी माया सिंह सहित स्टाफ की विशेष भूमिका रही।
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