स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने रायसेन पॉलीटेक्निक कॉलेज में सात करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।
रायसेन. अपना शहर रायसेन अब विकास की दृष्टि से पीछे नहीं रहेगा, क्योंकि यहां विकास कार्यों का सिलसिला शुरु हो चुका है। चाहे फोरलेन रोड निर्माण हो या फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की बात। खरगावली से गोपालपुर तक बायपास रोड का निर्माण भी शुरु होगा। शहर के लिए एक कहावत चली आ रही थी कि ऊपर किला, नीचे जिला रायसेन को कुछ न मिला, इसे दूर किया जा रहा है। उक्त विचार पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने व्यक्त किए। वे यहां पर अतिरिक्त भवन निर्माण और लैब निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में जब वह विधायक थे, तब रायसेन में शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, केन्द्रीय स्कूल और सांची से रायसेन होते हुए भोपाल-रायसेन रोड सहित बायपास की स्वीकृति कराई थी। इस मौके पर कलेक्टर अरविंद दुबे, जनपद अध्यक्ष एस मुनियन, एसडीएम एलके खरे, भाजपा नेता ब्रजेश चतुर्वेदी, राकेश शर्मा, बबलू ठाकुर, मनोज कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
पाटनदेव स्कूल को मिला सीएम राइज का दर्जा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि रायसेन के पाटनदेव शासकीय स्कूल को सीएम राइज स्कूल का दर्जा दिलाया गया है। इससे अतिरिक्त शासकीय कन्या शाला में भी विकास कार्य हो रहे हैं। सांची, गैरतगंज सहित अन्य क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए काम किए जा रहे हैं।
नई बिल्ंिडग में ये सुविधा मिलेगी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी द्वारा शुक्रवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में सात करोड़ पांच लाख २८ हजार रुपए की लागत वाले निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र राठौर ने बताया कि परिसर में पांच करोड़ ५० लाख रुपए की लागत से ३०८० वर्ग मीटर क्षेत्र में अतिरिक्त भवन का निर्माण होगा, जिसमें एक ड्राइंग हॉल, एक प्लेसमेंट रुम, १८ प्रयोगशालाएं, दो फैक्लटी रुम, दो क्लास रुम, एक सेंट्रल स्टोर, एक चिकित्सा कक्ष, एक पेनेट्री रुम सहित प्रसाधन बनाया जाएगा।
वर्कशाप की कमी दूर
इसके अलावा ६५० वर्गमीटर भूमि पर एक करोड़ ५५ लाख पांच हजार रुपए से वर्कशाप बनाया जाएगा। इसमें तीन टे्रडों के लिए अलग-अलग सुविधाएं शामिल रहेंगी। इसमें एक टूल, एक व्याख्यान कक्ष भी शामिल होगा। वर्तमान में सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स एडं कम्युनिकेशन की ब्रांच संचालित हैं। प्राचार्य डॉ. राठौर के अनुसार अब इन चारों ब्रांचों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। जबकि पुराने भवन को दो ब्रांचों के मान से ही बनाया गया था।