
Raisen More than three dozen women from the slums of Ward Seventh near the Housing Board in the city reached the Collectorate office on Tuesday for the third time on Tuesday. Here the women collector S. By applying Priya Mishra, she told that she has been in control for years. They should be given a lease.
रायसेन. आरटीओ में अब नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन करवाने या फिर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के बाद आवेदकों को डाक का महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए अब वे सीधे जिला परिवहन विभाग के दफ्तर जाकर आधार कार्ड या अन्य वैध प्रमाण-पत्र दिखाकर सीधे लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड ले सकते हैं।
साथ ही रजिस्ट्रेशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय दिए गए दस्तावेजों की फाइल भी ले सकेंगे। आरटीओ में इन दस्तावेजों की स्कैन की नई ई-फाइल रिकॉर्ड में रखी जाएगी।
इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ३० सालों से चली आ रही व्यवस्था में किए गए बदलावों का शासन से फाइनल नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। अब जल्द ही आरटीओ में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
गौरतलब है कि जिला परिवहन विभाग कार्यालय से अब तक रजिस्ट्रेशन कार्ड और लाइसेंस डाक द्वारा आवेदकों के पते पर भेजे जाते थे। इस कारण दो पहिया, चार पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त होने ने में महीनों का समय लग जाता था।
कई बार डाक लिफाफे पता सही नहीं मिलने पर वापस आरटीओ आ जाते थे। इस कारण आवेदकों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता था।
संभालनी पड़ेगी फाइलें
नए नियमों के तहत आवेदकों को वाहन पंजीयन के बाद उससे जुड़े सभी दस्तावेजोंं की मूल फ ाइलें सशर्त दी जाएंगी। जिला परिवहन विभाग या फिर कोर्ट या किसी अन्य प्राधिकारी द्वारा मांगें जाने पर उक्त फाइल आवेदक को ही पेश करना होगा। इसके लिए उसे शपथ-पत्र भी देना होगा। साथ ही लाइसेंस मेंं किसी भी तरह के संशोधन या वाहन की ट्रांसफर की स्थिति में भी फाइल को साथ लाना होगा। संशोधन के बाद नई फाइल नए मालिक को दे दी जाएगी।
आवेदकोंं को सबसे ज्यादा सुविधा होगी। फाइल भी आवेदक को दिए जाने के कारण दफ्तर से फाइल खो जाने या छेड़छाड़ जैसी घटनाएं रूक जाएंगी। विभाग की झंझटें भी कम होंगी।
रीतेश कुमार तिवारी, आरटीओ रायसेन।
सीएमओ ने भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ मारपीट की शिकायत की
औबेदुल्लागंज नगर परिषद सीएमओ सतीष मालवीय के साथ मंगलवार को एक युवक ने मारपीट की। युवक को भाजपा का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। सीएमओ ने युवक के साथ एक भाजपा पार्षद के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार औबेदुल्लागंज के वार्ड दो निवासी नरेश शेट्टी उसके घर के पास सड़क पर मिट्टी डलवाने के लिए सीएमओ के पास गया था। जहां बातचीत के दौरान दोनों में कहा सुनी हुई। इसके बाद नरेश ने सीएमओ मालवीय के साथ मारपीट कर दी।
इस मौके पर भाजपा पार्षद दीपू परमार भी मौजूद थे, सीएमओ ने दीपू परमार पर मारपीट में सहयोग के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद सीएमओ ने थाने पहुंचकर नरेश और दीपू के खिलाफ आवेदन दिया है। उन्होंने कलेक्टर और एसपी से भी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने अभी तक किसी पर नामजद मामला दर्ज नहीं किया है।
नरेश शेट्टी और दीपू परमार मेरे पास आए थे। नरेश शेट्टी ने मेरे साथ मारपीट की इस दौरान दीपू परमार ने मेरे हाथ पकड़ लिए।
सतीष मालवीय, सीएमओ नप
दोनों पक्षों ने अपने आवेदन दिए हैं। जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
केएस मुकाती, टीआई, औबेदुल्लागंज
सीएमओ से मारपीट के दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो हड़ताल पर चले जाएंगे।
आशाराम मेहर, अध्यक्ष कर्मचारी संघ ,नप
सीएमओ ने फोन पर पिता से बाद में मुझसे अभद्रता की। मैंने मारपीट नहीं की है।
नरेश शेट्टी, भाजपा कार्यकर्ता
- वार्ड की समस्याओं के लिए गए थे। हमने सीएमओ के साथ कोई मारपीट नहीं की है।
दीपू परमार, पार्षद वार्ड-2
जनसुनवाई में पट्टा मांगने पहुंचीं गरीब महिलाएं
शहर में हाउसिंग बोर्ड के नजदीक वार्ड सत्रह की झुग्गी-बस्ती की तीन दर्जन से अधिक महिलाएं मंगलवार को दोपहर तीसरे बार कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचीं। यहां महिलाओंं ने कलेक्टर एस. प्रिया मिश्रा को आवेदन देकर बताया कि वे सालों से काबिज हैं। उनको पट्टा प्रदान किया जाए।
ताकि वह शासन की पीएम आवास योजना का लाभ लेकर अपने सपनों का घर बना सकें। गौरतलब है कि एक पखवाड़े पूर्व जमीन और झुग्गी के पट्टे नहीं मिलने से नाराज ये महिलाएं जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट ऑफिस के मेनगेट के सामने धरना देकर बैठ गई थीं।
कलेक्टर के आश्वासन के बाद भी यह महिलाएं बमुश्किल हटी थीं। कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में दीपक बाबू सेन, सोना प्रजापति, पप्पू प्रजापति, हक्कूलाल, द्रोपती बाई, श्याम बाई, दशोदी बाई अहिरवार आदि ने बताया कि वे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के समीप खाली पड़ी जमीन पर पिछले ३०-४० सालों से झुग्गियां बनाकर परिवार सहित रह रहे थे।
लेकिन बावजूद इसके नजूल विभाग, तहसील कार्यालय और कलेक्ट्रेट में सैकड़ों आवेदन देने के बाद भी उनकी झुग्गियों के पट्टे नहीं बन सके हैं। वह गरीब मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का बमुश्किल पेट पाल रहे हैं। वह गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हंै। बीपीएल राशन कार्ड धारकों को पीएम आवास योजना का लाभ पट्टे के अभाव में नगर पालिका से नहीं मिल सका है।
Published on:
18 Jul 2018 11:01 am
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