रायसेन

तेज धूप जल्द पक सकती हैं फसलें, नमी बनाए रखना जरूरी

बदलते मौसम और समय से पहले तेज धूप से फसलों की चिंता।

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तेज धूप जल्द पक सकती हैं फसलें, नमी बनाए रखना जरूरी

रायसेन. मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। फरवरी के दूसरे सप्ताह से तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। जो माह के अंत तक और बढऩे की आशंका है। ऐसे में पकने की स्थिति में पहुंच रही फसलों के समय से पहले ही पकने का खतरा बढ़ गया है। विशेषकर देरी से बोवनी वाली फसलों पर ज्यादा खतरा है। जिले में लगभग 25 फीसदी रकबा में गेहूं की बोवनी देरी से की गई है। धान की फसल देरी से कटने के कारण गेहूं की बोवनी में हुई देरी से अब समस्या खड़ी हो सकती है। इन हालातों में कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं। मौसम विभाग सीहोर ने उडवायजरी जारी कर किसानों को सलाह दी है।
मौसम विभाग की का अनुमान है कि आगामी दिनों में हल्के बादल छा सकते हैं। हवा की गति सामान्य से अधिक 6.3 से 10.4 किमी प्रति घंटा रहेगी। दिन एवं रात्रि के तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान है। अत: देरी से बोई गई गेहूं की फसल को जल्दी पकने से बचाने के लिए खेतों में लगातार नमी बनाए रखना जरूरी है।
ये है किसानो को सलाह
गेहूं के लिए
- बादलयुक्त मौसम रहने के कारण गेहूं में लूज स्मट बीमारी के प्रकोप का अनुमान है। यह फफूंदी जनित बीमारी है। जो बीज के माध्यम से आती है। इससे ग्रसित पौधे को पोलीबैग से ढककर उखाडऩे के बाद गढ्ढे में जलाकर नष्ट करें। इन खेतों के बीज का उपयोग अगले वर्ष बोनी में नहीं करें।
- बादलयुक्त मौसम रहने के कारण गेहूं की फसल में फाल आर्मी वार्म कीट की इल्लियों का प्रकोप हो सकता है। नियंत्रण के लिए इमामेक्टीन बेन्जोयेट 5 एसजी 50 ग्राम प्रति हेक्टर या फ्लूबेन्डामाइड 480 एसपी 150 मिली प्रति हेक्टर या रायनाक्सीपायर 18
मिली प्रति हैक्टेयर की दर से छिडक़ाव करें।
- इस समय गेहू की फसल परिवक्वन एवं दुग्ध अवस्था पर है। अच्छे उत्पादन के लिए दुग्ध अवस्था में 0:52:32 एवं 0:0:50 को छिडक़ाव करें।
मसूर, अरहर एवं चना के लिए
- चने की फसल इस समय फली अवस्था में है। चने में निगरानी एवं निरीक्षण करते रहें। प्रति वर्ग मीटर दो या दो अधिक इल्लियों का प्रकोप होने पर नियंत्रण के उपाय करें। इस समय चने एवं मटर में प्रजनन अवस्था है। फली बोरर की सतत निगरानी करते रहें। दिखाई देने पर 50 ईसी 2 लीटर मात्रा 500 लीटर पानी के साथ प्रति हैक्टेयर के मान से छिडक़ाव करें।
- बादलयुक्त मौसम रहने के कारण चना एवं मटर में संयुक्त रूप से फल मक्खी, फल बग एवं मौथ का प्रकोप होने का खतरा है। नियंत्रण के लिए प्रोफेनोफॉस 50 ईसी 1500 मिली दवा 600-700 लीटर पानी में घोल बनाकर 25 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर के मान से कूड़ों में डालें।
- खेतों में टी या वाय आकार की खूटियां प्रति एकड़ करीब 40 से 50 गाड दें, जिसपर पंछियों के बैठने का स्थान बन जाएगा जो इल्लियों को समाप्त कर देंगे।
चुनचुन कर समाप्त कर देंगे।
- मटर, मसूर, कुकरबिट्स एवं चने में पाउडरी मिलड्यू (भभूतिया रोग) के प्रकोप की सम्भावना हैै। नियंत्रण के लिए 0.1 प्रतिशत कार्बेन्डिज्म का छिडक़ाव करें।
बीते दस दिन इस तरह बढ़ा तापमान
तारीख अधिकतम न्यूनतम
13 फरवरी 26.0 07.0
14 फरवरी 26.6 07.0
15 फरवरी 29.2 08.6
16 फरवरी 30.2 09.5
17 पुरवरी 30.6 11.0
18 फरवरी 30.6 11.2
19 फरवरी 29.8 10.0
20 फरवरी 31.0 09.6
21 फरवारी 32.2 11.5
22 फरवरी 32.0 12.8
23 फरवरी 32.2 12.6
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Published on:
23 Feb 2023 10:58 pm
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