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टीएल बैठक में शामिल हुआ निलंबित लेखापाल

कलेक्टर की मौजूदगी में निलंबित कर्मचारी ने की नियमों की अनदेखी।वरिष्ठ अफसर भी रहे अनजान।
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रायसेन

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Rajesh Yadav

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Updated: 4 Oct 2022, 9:44 PM IST

टीएल बैठक में शामिल हुआ निलंबित लेखापाल

टीएल बैठक में शामिल हुआ निलंबित लेखापाल

रायसेन. कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रत्येक सोमवार को कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे की मौजूदगी में टीएल बैठक आयोजित की जाती है। इस बार सोमवार को महाअष्टमी पर्व के अवकाश के चलते मंगलवार को यह बैठक हुई। इस बैठक में सबसे बड़ी लापरवाही सामने आई। जब नागरिक आपूर्ति निगम के निलंबित लेखापाल अनिल मिश्रा कलेक्टर की मौजूदगी में बैठक में उपस्थित रहा। लेखापाल मिश्रा को तीन अक्टूबर को नागरिक आपूर्ति निगम ने सस्पेंड किया गया और चार अक्टूबर मंगलवार को वे टीएल बैठक में कलेक्टर के सामने उपस्थित रहे। जबकि निलंबित कर्मचारी को शासन-प्रशासन एवं विभागीय स्तर की बैठक में शामिल होने का अधिकार नहीं है।
लेकिन इस नियम का उक्त कर्मचारी ने पालन नहीं किया और यहां बैठे आला अफसरों ने भी ध्यान देना उचित नहीं समझा। ऐसे में शासकीय कार्य की गोपनीयता पर सवालिया निशान लगते हैं। सूत्रों ने बताया कि उक्त कर्मचारी मंगलवार को अपने कार्यालय में भी बैठा रहा।
ये है पूरा प्रकरण
मामला नागरिक आपूर्ति निगम का है। यहां पदस्थ लेखापाल अनिल मिश्रा करीब दो वर्ष पहले रीवा जिले में पदस्थ थे। वर्ष 2020-21 में खरीफ सीजन की फसलों के समर्थन मूल्य पर खरीदी में परिवहन कार्य में अनियमिता की गई थी। रीवा कलेक्टर ने सात जुलाई 2022 को जांच दल गठित किया था। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट 27 अगस्त 2022 को सौंपी। जिसमें नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन लेखापाल ने ट्रांसपोर्टरों से सांठगांठ कर निर्धारित दूरी से ज्यादा राशि का भुगतान कर शासन को चपत लगाई। जांच में सामने आया कि लगभग पांच करोड़ 97 लाख 75 हजार 146 रुपए का भुगतान ज्यादा किया गया। बताया जा रहा है कि जिन ट्रांसपोर्टरों को लेखापाल ने भुगतान किया है, वे उनके नजदीकी रिश्तेदार हैं।
इनका कहना
नागरिक आपूर्ति निगम के लेखापाल अनिल मिश्रा के निलंबन की जानकारी हमें प्राप्त नहीं हुई। यह जिम्मेदारी निगम कार्यालय की है, इस मामले से जिला प्रशासन को अवगत कराया जाना था। यदि उक्त कर्मचारी निलंबित हुआ है तो उसे बैठक में ही नहीं पहुंचाना चाहिए। इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
आदित्य रिछारिया, एडीएम।