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niti aayog news : आंगनबाडिय़ों को उपकरण, छोटे अस्पतालों को मिलेंगे एक्स-रे व ईसीजी मशीनें, स्मॉर्ट लाइब्रेरी बनेगी

राजगढ़ में नवाचार : आकांक्षी जिले में नीति आयोग की योजना छह करोड़ का बजट नीति आयोग ने शिक्षा-स्वास्थ्य के लिए दिया, अब उसके लिए बनाई गई योजना

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niti aayog news : आंगनबाडिय़ों को उपकरण, छोटे अस्पतालों को मिलेंगे एक्स-रे व ईसीजी मशीनें, स्मॉर्ट लाइब्रेरी बनेगी

ब्यावरा.जिला मुख्यालय पर उत्कृष्ट स्कूल में संचालित स्मॉर्ट क्लास का मुआयना हाल ही में सीईओ ने लिया था।

ब्यावरा.देश के आकांक्षी जिलों में शामिल राजगढ़ जिले में नीति आयोग ने अपना प्लॉन तैयार किया है। इसके तहत अब जिले में बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए प्लॉन बनाया है। इसके तहत इसी के मद से राशि खर्च की जाएगी।
दरअसल, इस नई योजना के तहत आंगनबाडिय़ों को उपकरण दिए जाएंगे, जिसमें एक्जामिनेशन टेबल दी जाएगी, जिससे महिलाओं का फुल चेकअप एएनएम और कार्यकर्ता इत्यादि कर सकें। साथ ही सात ऐसे सीएचसी (छोटे अस्पतालों) का किया गया है, जिसमें एक्स-रे मशीन के साथ ही ईसीजी लगाने की योजना है। कुछ चुनिंदा स्कूलों में स्मॉर्ट क्लास शुरू की जाएगी। यह आइडियली शुरुआत रहेगी, इसके आधार पर आगे की रणनीति बनेगी और जिले में इसे सक्सेस प्रोजेक्ट के तौर पर किया जाएगा। हालांकि इससे दो से तीन साल पहले भी आकांक्षी जिले को ध्यान में रखते हुए नीति आयोग के माध्यम से कुछ योजनाएं बनाई गईं थीं लेकिन वे जमीनी स्वरूप नहीं ले पाईं।

इस तरह से जिला प्रशासन ने प्लॉन की है योजना
-सरकारी स्कूलों में 38 स्मॉर्ट क्लासेस ; 1.94 करोड़
-20 स्कूलों में साइंस लेब, शिक्षकों को ट्रेनिंग ; 1.14 करोड़
-235 आंगनबाड़ी में मेडिकल एक्जामिनेशन टेबल ; 47 लाख
-7 सीएचसी में एक्स-रे, ईसीजी मशीनें ; 18.04 लाख
-270 आंगनबाड़ी में सौलर पैनल ; 52.65 लाख
(नोट : जानकारी जिला प्रशासन के अनुसार)
कलेक्टर-सीईओ करेंगे पूरी मॉनीटरिंग
पूरे मामले को जिला प्रशासन ने प्राथमिकता से लिया है। इसकी मॉनीटरिंग कलेक्टर हर्ष दीक्षित खुद करेंगे, यह उनके प्राथमिक प्रोजेक्ट में हैं। वहीं, आईएएस प्रीति यादव (जिपं सीईओ) ने भी इसे पंचायत विभाग के माध्यम से प्राथमिक प्रोजेक्ट में रखा है। आदर्श स्थिति में कुछ ही स्कूल, अस्पताल और आंगनबाडिय़ों का चयन इसमें किया गया है। इसके बाद इसे लागू करने रिजल्ट देखा जाएगा कि कितना परिवर्तन इस सुधार से हुआ है। इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी। फिलहाल इसे जमीनी स्वरूप दिया जाएगा। दो प्रोजेक्ट अपु्रव राज्य शासन की ओर से हुए हैं, बाकी की अनुमति मिलना शेष है।
दो प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिली
नीति आयोग के माध्यम से की जाने वाली इस योजना के लिए छह प्रोजेक्ट पर हम काम कर रहे हैं। दो के लिए शासन से अनुमति मिल गई है, उन पर हमने काम शुरू किया है। बाकि अन्य प्रोजेक्ट शेष है, वे भी शिक्षा और स्वास्थ्य पर ही आधारित है।
-प्रीति यादव, सीईओ, जिपं, राजगढ़