28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्रधानमंत्री के जाने के साथ ही भूल गए स्वच्छता, अभी ऐसी है डेम की हालत

मोहनपुरा डैम के आसपास फैला पड़ा कचरा, विस्थापित ग्रामीणों के घरों में उडक़र पहुंच रही पॉलीथीन
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

राजगढ़

•

image

Raghuveer Sahu

•

Updated: 25 Jun 2018, 10:30 AM IST

rajgarh, rajgarh news, rajgarh patrika, patyrika news, patrika bhopal, bhopal mp, pm modi, mohanpura dam, condition of mohanpura dam, clean india, Opening ceremony of mohanpura dam,

प्रधानमंत्री के जाने के साथ ही भूल गए स्वच्छता, अभी ऐसी है डेम की हालत

राजगढ़। मोहनपुरा डैम के लोकार्पण में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन को लेकर भारी तैयार की गई थी। जिले के कोने कोने को सजाया गया था। साथ ही डैम को भी दुल्हन की तरह सजाया गया था। वही सभा स्थल पर भी साफ-सफाई के खासे प्रबंध किए गए। लेकिन उनके जाने के साथ थी सारे प्रबंध धरे रह गए। डैम की ओर जितने भी लोगों की ड्यूटी वहां लगी थी, कार्यक्रम संपन्न होने के साथ ही सभी अपने घरों के लिए निकल लिए।

हालात यह है कि अब वहां सिर्फ टेंट निकालने के लिए केटर्स एंजेसी के मजदूर बचे हैं और चारों तरफ कचरा फैला पड़ा हैं। मोदी के जाने के साथ ही डैम को देखने के लिए भी अब लोगों की संख्या बढऩे लगी हैं। ऐसे में पड़े हुए खाने के पैकेट और जगह-जगह फैल रही पॉलीथीन, अब सभा स्थल से उड़-उडक़र विस्थापित ग्रामीणों के घरों तक पहुंचने लगा हैं। जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।

सभा के दौरान जो कचरे को रखने के लिए कचरा पेटी रखी थी, वह नगरपालिका द्वारा उठा ली गई हैं। जबकि अस्थाई शौचालय वहां से हटा लिए गए हैं। लेकिन वहां की साफ-सफाई अब कौन करेगा, इसको लेकर शायद किसी को जिम्मेदारी नहीं दी गई। यही कारण है कि २४ घंटे के अंदर यह कचरा सभा स्थल के चारों तरफ नजर आ रहा हैं। ओर कुछ जगह तो पैकेटों में रखे भोजन के सड़ जाने के कारण बद्बू भी आने लगी हैं।

ग्रामीण बोले हमें होगी परेशानी
डैम के पास स्थित कुछ गांवों को पास में ही विस्थापित किया गया हैं। पॅालीथीन उडक़र गांव तक पहुंच रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने कहा कि आयोजन बहुत अच्छा था। लेकिन इस कार्यक्रम के बाद आसपास फैल रही पॉलीथीन से कही हमारे पशुओं को परेशानी न बढ़ जाए। क्योंकि गांव में पशुओं की संख्या भी खासी हैं।