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MP Ajab-Gajab hai : राजस्थान के बूंदी जिले में हुआ निधन, और राजगढ़ नगर पालिका ने जारी करवा लिया फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र

- नगर पालिकस का कारनामा: बगैर जांच किए बनाया मृत्यु प्रमाण पत्र, आरोपी पर कार्रवाई की जगह पेंशन की राशि पर लगाई रोक - बूंदी जिले में निधन, राजगढ़ से जारी करवा लिया फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र

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राजगढ़। खिलचीपुर में एक पेंशन के मामले में दो पक्षों द्वारा अपना हक जताया जा रहा है, जिसमें दोनों ही पक्षों का कहना है कि उनके पिता की पेंशन के असली वारिस वही हैं। मामला कभी जनसुनवाई तो कभी पेंशन कार्यालय पहुंच जाता है, लेकिन निकाल हो ऐसा नजर नहीं आ रहा। यही कारण है कि मृतक जगन्नाथ की मृत्यु होने के बाद भी अभी भी उनका पैसा पेंशन कार्यालय में ही अटका हुआ है।

क्या है मामला
खिलचीपुर में रहने वाले जगन्नाथ मेवाड़े खिलचीपुर रेस्ट हाउस में चौकीदार के पद पर पदस्थ थे। उनका विवाह सुंदर बाई नाम की महिला से हुआ था, लेकिन सालों पहले वह खिलचीपुर छोड़कर चली गई थी और किशोरी लाल माली से विवाह कर लिया था। जिसके बाद राजगढ़ जिले के ही गुलखेड़ी गांव में लंबे समय तक रहे। बाद में राजस्थान के बूंदी जिले चली गई। यहां बाद में जगन्नाथ मेवाड़े ने भी धापू बाई नाम की महिला से विवाह कर लिया।

बता दें कि जगन्नाथ की पहली पत्नी सुंदर बाई ने जगन्नाथ के साथ रहते समय एक पुत्र को जन्म दिया, जो राजगढ़ में रहता है और उसका नाम भेरूलाल हैं, जबकि धापूबाई पूरे समय जगन्नाथ के साथ रही और उन्होंने एक और पुत्र को जन्म दिया जिसका नाम नरेंद्र है।

जगन्नाथ की मृत्यु के बाद उनकी पेंशन धापू बाई को मिल रही है और जो एक साथ पैसा मिलना था वह कोषालय में जमा है, क्योंकि इस पैसे पर भेरूलाल ने अपना हक जताते हुए उस पैसे की मांग की है, लेकिन यह मांग सुंदर बाई के जीते जी नहीं की गई। 16 अक्टूबर 2020 को सुंदर बाई की बूंदी में मृत्यु हो गई। जिसका मृत्यु प्रमाण पत्र 9 नवंबर 2020 को बूंदी जिले से जारी हुआ और सुंदर बाई के अन्य पुत्रों ने भी इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए शपथ पत्र के माध्यम से बताया कि सुंदर बाई लगभग 50 साल से भी ज्यादा से उनके साथ रह रही हैं और उनके पिता किशोरीलाल है।

यहां बूंदी में मृत्यु के बाद भी राजगढ़ से भेरूलाल ने सुंदर भाई का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया है। जिसमें सुंदर बाई के पति का नाम जगन्नाथ डालते हुए उनकी पेंशन पर हक जताना शुरू कर दिया, जबकि बूंदी से जो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुआ है, वह सुंदर बाई पति किशोरी लाल के नाम से जारी किया गया। जगन्नाथ की दूसरी पत्नी के पुत्र नरेंद्र सिंह का कहना है कि उनकी बड़ी मां सुंदर बाई ने किशोरी लाल से विवाह करने के बाद खिलचीपुर छोड़ दिया था।

इस बात को 50 से 60 साल हो चुके हैं , जो उनके जन्म से पहले की बात है, लेकिन इस तरह से राजगढ़ नगर पालिका के कर्मचारियों की मिलीभगत से बूंदी में हुई मृत्यु के बाद भी राजगढ़ से प्रमाण पत्र जारी करना पूरे कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हैं, क्योंकि जालपा देवी के मंदिर के आगे भी यदि कोई दुर्घटना होती है तो राजगढ़ नगर पालिका उसका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनाती फिर बूंदी में हुई मृत्यु के बाद ऐसा कैसे हो गया।

वहीं आधार और वोटर आइडी भी फर्जी तरीके से सुंदर बाई की मृत्यु के बाद बनवाए गए। पूरा मामला अब कलेक्टर के समक्ष शिकायत में है देखना है वहां क्या कार्रवाई की जाती है।