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दशहरा व्रत : ऐसे बनाएं अपने व्रत को खास, लें ये खास फूड

राजधानी भोपाल सहित तमाम जिला मुख्यालयों पर त्योहार उत्साह के साथ मनेगा -व्रत की धार्मिक के साथ ही सांइटिफिक मान्यता भी

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Navratri

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ब्यवरा @राजेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट...
राजगढ़। प्रदेशभर में शारदेय नवरात्री के बाद 8 अक्टूबर दो दशहरा Dussehra मनाया celebrated जाएगा। राजधानी भोपाल सहित तमाम जिला मुख्यालयों पर त्योहार उत्साह के साथ मनेगा। नौ दिनी नवरात्री महोत्सव nine-day Navratri festival के बाद दशहरे पर विशेष प्रकार का special type of fast व्रत रखा जाता है।

तरह-तरह के व्यंजन भी बनाती
हिंदू रीति-रिवाज के हिसाब से मान्यता होती है कि भगवान श्रीराम का व्रत और मां दुर्गा के नौ दिनी व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। लोग तरह-तरह से अपने ईष्ट देव को मनाने व्रत करते हैं। व्रत के दौरान महिलाएं खास प्रकार की रेसीपीस फलाहारी सामग्री के लिए तैयार करती हैं और तरह-तरह के व्यंजन भी बनाती हैं।

व्रत की धार्मिक के साथ ही सांइटिफिक मान्यता भी
धार्मिक जानकारों के अनुसार खास पर्वों पर रखे जाने वाले व्रत को लेकर एक दूसरी मानसकिता भी है। धार्मिक ही नहीं सप्ताह में एक दिन व्रत करने का साइंटिफिक रिजन भी है। डॉक्टर्स और विशेषज्ञ यह कहते हैं कि सात दिन में दिन पेट को आराम देना चाहिए।


अंगों को राहत मिलती है
इससे आहार नाल, अमाशय, आतें और पेट संबंधी तमाम अंगों को राहत मिलती है। माना जाता है कि शरीर रोजाना अन्न पचाकर थक जाता है, इसीलिए माना जाता है कि एक दिन की राहत देकर पेट को आराम दिया जाए। हालांकि इस दिन कुछ फलाहार लिया जाता है लेकिन वह काफी हल्का रहता है इससे काफी हद तक पेट को आराम मिलता है।

ये फूड रखेंगे आपको व्रत के दौरान भी हेल्दी
सेवफल, खीरा ककड़ी : मालवा में खीरा ककड़ी बारिश के दौरान उपयोग में लाई जाने वाला प्रमुख वेजिटेबल है, इससे व्रत नहीं टूटता। यह काफी हेल्दी रहती है और शरीद को स्वस्थ रखती है। साथ ही सेवफल न सिर्फ हल्का रहता है बल्कि पेट के पाचन में भी कारगर साबित होता है।

मूगंफली की मिठाई
मूंगफली को पीसकर उसमें शकर और मावे की मिठाई की ही तर्ज पर शहर की चासनी के माध्यम से बनाई जाने वाली मूंगफली की मिठाई भी व्रत के दौरान काम लिया जाने वाला बेहतरीन फलाहार है। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और पेट के लिए यह भारी भी नहीं रहती।

लौकी का हलवा
गाजर के हलवे जैसा ही बनने वाला लोकी का हलवा न सिर्फ व्रत के लिए सबसे बेहतर विकल्प है बल्कि इससे पाचन सिस्टम भी सुधरता है। माना जाता है कि लोकी शरीर के लिए सबसे शुद्ध औषधि है। सामान्य तौर पर भी लोकी को खाने से डायजेशन काफी ठीक रहता है।

सिंगाढ़े का हलवा
सिंगाढ़े के आटे से बनने वाला हलवा भी प्रमुख फलाहारी फूड में से एक है। यह काफी शुभ और सार्थक भी माना गया है। इसका उपयोग आम तौर पर भी महिलाएं करती हैं, मावे और आटे के हलवे की ही तर्ज पर इसे बनाया जाता है और काफी हेल्दी फूड में से एक है।