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दूध बहाने और प्याज फेंकने वालों को पुलिस ने पकड़ा, कांग्रेसियों ने छुड़ाया!

खजूरिया गांव का मामला, पुलिस ने पकड़ा तो विरोध में आए कांग्रेसी

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farmers

Beau. The Congressmen released the farmers brought to the police station in the police station.

ब्यावरा. खजूरिया गांव में रविवार को दूध बहाकर प्याज फेंकने वाले कुछ लोगों को देहात पुलिस ने सोमवार को थाने बैठा लिया। विरोध में कांग्रेसियों ने थाने के बाहर हंगामे की कोशिश की, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने चर्चा कर उन्हें छोड़ दिया।
दूध ढोलने और प्याज बिखेरने के मामले में खजूरिया निवासी रामबाबू और रामेश्वर दांगी को सोमवार को थाने लाया गया। पुलिस का कहना है कि इन्होंने उपद्रव करने की कोशिश की, दूध बहाया व प्याज बिखेरे हैं। वहीं, दोनों का कहना है कि हमारा दूध खराब हो चुका था और प्याज फेंकने के ही लायक थी। हम किसान आंदोलन का समर्थन बिना किसी उत्पात के कर रहे थे, हमने किसी अन्य का दूध, प्याज तो नहीं छीना, खुद का ही बहा रहे थे। फिर इसमें हम दोषी कैसे?


आदमी की आवाज दबा रहा प्रशासन
थाने पहुंचे कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार को कोसा और कहा कि पुलिस और प्रशासन सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। किसान अपने हक की मांग करते हुए आंदोलन कर रहे हैं, अब यदि खुद किसान अपनी ओर से समर्थन करना चाहते हैं तो पुलिस उनकी आवाज क्यों दबा रही? पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामचंद्रदांगी ने कहा कि यह प्रशासन की तानाशाही है अभिव्यक्ति की आजादी को सरेआम दबाया जा रहा है। वहीं, पूर्व विधायक पुरुषोत्तम दांगी ने कहा कि किसानों की समस्या सुनने के बजाए सरकार उल्टा किसानों को धमकियां दिलवा ही है। जिपं सदस्य प्रति. चंदरसिंह सौंधिया ने कहा कि यह पुलिस प्रशासन की दादागीरी है, जिससे आम आदमी, किसान खुद को दबा हुआ महसूस कर रहा है। एसडीएओपी एसआर दंडोतिया और थाना प्रभारी संजीत मावई ,गोवर्धन दांगी सहित कांग्रेसियों ने चर्चा की और पकड़े गए दोनों युवकों को छोड़ दिया गया।


किसान यूनियन ने निकाली रैली: किसान यूनियन सोमवार को बाइक रैली निकाली। आगे-आगे पुलिस की गाड़ी और पीछे बाइक से आए यूनियन के सदस्यों ने नारेबाजी की और लोगों से समर्थन करने की अपील। यूनियन के सदस्यों का कहना है कि किसानों की कर्ज माफी और उनकी उपज को सही दाम के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है जिसे कुछ लोग दबाना चाहते हैं।


किसान आंदोलन को लेकर निकाला फ्लैग मार्च
राजगढ़. किसान आंदोलन को लेकर बोड़ा में हुई एफआईआर और इसके बाद खजूरिया गांव में किसानों द्वारा प्याज और दूध फेंकने के बाद पुलिस हो या प्रशासन चौकसी बढ़ा दी गई है। हालांकि अभी तक जिले में अभी तक ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है, लेकिन आंदोलन के दौरान शांति बने रहे। इसको लेकर पुलिस ने जिले के हर कस्बे में फ्लैग मार्च निकाला और लोगों से शांति बहाली की अपील की। एसपी सिमाला प्रसाद के निर्देशों पर जगह-जगह निकाले गए फ्लैग मार्च की शुरुआत खिलचीपुर से की गई। बाद में राजगढ़, ब्यावरा में भी यह मार्च निकाला गया। जिसमें क्षेत्र के एसडीओपी, थाना प्रभारी और अन्य स्टाफ शामिल था।