
इस डॉक्टर का क्लीनिक हुआ सील, स्वास्थ विभाग की टीम ने जब्त की दवाईयां
राजगढ़/खिलचीपुर@प्रकाश विजयवर्गीय की रिपोर्ट...
खिलचीपुर के भोजपुर नाके स्थित एक क्लीनिक को मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की सयुंक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सील कर दिया। कलेक्टर के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने क्लीनिक से कई विशेष प्रकार की एलोपेथिक दवाइयों को जब्त किया है। जिनका प्रयोग एमबीबीएस डाक्टर की सलाह बिना नहीं किया जा सकता।
कार्रवाई की जानकारी देते हुए खिलचीपुर बीएमओ डा आर के पुष्पक बताया कि खिलचीपुर के झालावाड़ रोड़ पर संचलित एक क्लीनिक में गलत उपचार को लेकर किसी परिजन ने कलेक्टर से शिकायत की थी। जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम प्रवीण प्रजापति के नेत्तृव में डीएचओ डा एक सक्सेना, एडीआईओ डा एलपी भकोरिया, सहित स्वास्थ विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जैसे ही जांच टीम डां बंगाली के क्लीनिक पर पहुंची वहां के हालत देखकर सभी दंग रह गए।
क्लिनिक पर बकायदा किसी बड़े अस्पताल की तरह कई मरीज भर्ती थे जिनका अंग्रेजी दवाइयों और ड्रिप लगाकार उपचार किया जा रहा था। जांच टीम ने जब मौजूद क्लीनिक संचालक शक्ति बंगाली (मालाकार )से उनकी डिग्री के बारे में पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे पाए। ऐसे में टीम सदस्यों ने वहां मोजूद एक एक मरीज से बात की और इसके बाद क्लिनिक में मिली दवाइयों को जब्त कर पंचनामा तैयार किया और क्लीनिकको सील कर दिया। जैसे ही कार्रवाई की शुरूआत हुई वहां मौजूद मरीज खुद ब खुद वहां से निकल गए वहीं शहर में जानाकरी लगने के बाद वहां बड़ी संख्या में लोगो की भीड़ जमा हो गई।
इलाज से बिगड़ गइ्र्र थी महिला की हालत
खिलचीपुर निवासी महिला कुसुम गुप्ता २२ जून को घर पर बनी सीढ़ी से गिर गई थी। उपचार के लिए उनके परिजन बंगाली डाक्टर के पास ले गए जहां बंगाली ने महिला को इंजेक्षन लगाने के साथ ही अन्य अंग्रेजी दवाइयों से उपचार किया। जिससे फायदा होने के बजाए महिला की हालत और बिगडऩे लगी। इसके बावजूद क्लीनिक संचालक महिला ओर परिजनों को इलाज के नाम पर बरगलाता रहा। बाद में अधिक हालत बिगडने पर महिला को भोपाल ले जाना पड़ा जहां बमुश्किल उनकी तबीयत में सुधार हुआ। इसी को लेकर महिला के पति द्वारा १९ जुलाई को कलेक्टर को शिकायत की गई थी। इसी आधार पर मंगलवार को यह कार्रवाई हुई।
सात माह पहले भी हुई थी कार्रवाई
जिले में संचालित दर्जनो अवैध क्लीनिक को रोकने की सोच से दिसंबर २०१७ में तत्कालीन सीएमएचओ अनसुईया गवली की पहल पर जिले में इस तरह के करीब तीन दर्जन क्लिक्लीनिक पर कार्रवाई की गई थी। जिसमें बंगाली डाक्टर का यह क्लिनिक भी शामिल थी। बिना ड्रिग्री और पंजीयन के उपचार करने को लेकर की गई एफआईआर के बाद स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने के कारण कुछ दिन बाद ही बंगाली डाक्टर ने क्लिनिक में पूर्ववत काम चालू कर दिया था। यहीं हालत जिले के अन्य क्लीनिक की भी है।
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भोजपुर नाके स्थित बंगाली डाक्टर के क्लीनिक का निरीक्षण किया था। जहां मरीजों को एलेपेथिक पद्धति से उपचार किया जा रहा था। पंचानामा तैयार वहां मिली दवाइयों को जब्त कर क्लीनिक को सील किया है। रिपोर्ट जिलाचिकित्सालय भेजी जा रही जहां से नियमानुसार क्लीनिक और संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
डा आर के पुष्पद बीएमओ खिलचीपुर
Published on:
25 Jul 2018 10:25 am
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