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90% से ज्यादा अंक लाने वाले विद्यार्थी बनेंगे परीक्षा के लिए रोल मॉडल

हर हफ्ते अलग-अलग विषय के टेस्ट लिए जाएं और उनमें क्या सुधार हो रहा है या फिर क्या कमी है.

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राजगढ़. फरवरी 2022 में बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत होगी। कोरोना के चलते बच्चों की तैयारी पूर्व के वर्षों की तरह नहीं हो पाई है, लेकिन जिले का परीक्षा परिणाम चाहे बोर्ड परीक्षाओं का हो या लोकल का, बेहतर से बेहतर हो इसके लिए कलेक्टर हर्ष दीक्षित और जिला पंचायत सीईओ प्रीति यादव की मौजूदगी में शिक्षा अधिकारी बीएस बिसोरिया और विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य की एक बैठक ली गई।


90 प्रतिशत अंक वाले बच्चे बनेंगे मॉडल
इसमें उन छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया जिनके 35 प्रतिशत अंक आते रहे हैं या इससे कम उनका परीक्षा परिणाम रहा है। उन बच्चों के अधिक अंक कैसे लाए जाए उन्हें किस तरह से शिक्षा दी जाए। इसके लिए 35 से लेकर 50 प्रतिशत तक अंक लाने वाले बच्चों को एक श्रेणी में रखा है और इन्हें 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बच्चों को मॉडल के रूप में रखा जा रहा है कि उन बच्चों ने किस तरह से अपनी परीक्षा की तैयारी की। उन्होंने अपनी दिनचर्या किस तरह से रखी की परीक्षा के दौरान वह स्वस्थ भी रहे और पढ़ाई भी बेहतर तरीके से करें जिसका परिणाम यह हुआ कि न सिर्फ उनके अच्छे अंक आए बल्कि स्कूल का नाम भी रोशन किया। कलेक्टर हर्ष दीक्षित ने निर्देशित किया कि ऐसे बच्चों का चयन करते हुए शिक्षक उनसे पढ़ाई के बारे में जाने और उनके जैसा पढऩे के लिए अन्य बच्चों को प्रेरित करें।


जनशिक्षक निलंबित
बैठक में खुजनेर जनशिक्षक अतीक मोहम्मद द्वारा अनुशासनहीनता करने, शासकीय सामग्रियों की हेराफेरी करने एवं अन्य शिक्षकों को अनावश्यक प्रताडि़त करने की शिकायतों के मद्देनजर निलंबित करने के निर्देश भी जिला शिक्षा अधिकारी को दिए।

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हर हफ्ते होंगे टेस्ट
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हर हफ्ते अलग-अलग विषय के टेस्ट लिए जाएं और उनमें क्या सुधार हो रहा है या फिर क्या कमी है कि कुछ बच्चों के अच्छे अंक नहीं आ रहे तो उनकी तैयारी भी बेहतर कराएं, ताकि पूरे जिले का परीक्षा परिणाम बेहतर हो पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आए।

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कम रिजल्ट लाने वाले स्कूल चिह्नित
जिन स्कूलों का रिजल्ट कम रहा है, उन स्कूलों को चिह्नित करने के लिए भी कहा गया। साथ ही ऐसे स्कूलों के प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वह पढ़ाई पर ध्यान दें। हालांकि बैठक में किसी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई, लेकिन चेतावनी जरूर दी है कि बच्चों को बेहतर पढ़ाएं यदि ऐसा नहीं होता तो फिर कार्रवाई के लिए भी तैयार रहेंगे। बैठक में स्वच्छता मिशन के तहत स्कूल में साफ-सफाई रखने पर भी चर्चा की गई।